Who Is Rupali Chakankar : महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह इस्तीफा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर दिया है। रूपाली चारकणकर ने अशोक खरात के कहने पर अपना एक ऊँगली काट दी थी। रुपाली से बलात्कार के आरोपी ज्योतिषी अशोक खरात के साथ उनके जुड़े होने के कारण से इस्तीफा मांगा गया था। जिसके बाद उन्होंने यह कहकर इस्तीफा दे दिया। ये मामला तब और गरमा गया जब एक ऑनलाइन वीडियो सामने आया, जिसमें उन्हें खरात के पैर धोते हुए देखा गया था। आइए जानते हैं कि रूपाली चाकणकर कौन हैं?
ढोंगी अशोक खरात ने कई महिलाओं से किया रेप
नासिक में गुरुवार को हाईप्रोफाइल ज्योतिषी कैप्टन अशोक खरात को यौन उत्पीड़न और बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस पर एक महिला का तीन साल से बार-बार शोषण करने का आरोप है। पुलिस ने छापेमारी में उसके आश्रम से छुपाए गए कैमरे और 53 महिलाओं के साथ संबंध बनाने का वीडियो वाली डिवाइस भी बरामद की है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, वह महिलाओं को जादू-टोना और नशे की चीजों से फंसाता था और उनके साथ गलत काम करता था।
रूपाली चाकणकर का इस ज्योतिषी से क्या संबंध है?
रूपाली चाकणकर सिन्नर में स्थित श्री शिवनिका संस्थान की ट्रस्टी हैं, जहां अशोक खरात अध्यक्ष थे। उनके गिरफ्तार होने के बाद, रूपाली की उनके साथ की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए थे। इन वीडियो में, रूपाली खरात के पैर धोते हुए और उनके लिए भोजन लाते हुए नजर आ रही हैं। एक वीडियो में उन्होंने खरात की तुलना भगवान विट्ठल से की थी, जिससे उनके बारे में सवाल उठने लगे। कुछ खबरों में कहा गया है कि रूपाली ने अपने भक्ति के चक्कर में अपनी एक उंगली भी काट ली थी। उनके हाथ में पट्टी बंधी हुई भी देखी गई है।
रूपाली चाकणकर कौन हैं?
रूपाली चाकणकर महाराष्ट्र की एक जानी-मानी महिला नेता और समाजसेविका हैं। वह पुणे से हैं और उन्होंने अपनी पढ़ाई वहीं पूरी की। उच्च शिक्षा के दौरान ही उन्होंने सामाजिक और राजनीति से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया।
वह लंबे समय से राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) से जुड़ी हैं और पार्टी में महिला नेताओं को मजबूत बनाने का काम करती रही हैं। वह महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर काम करती रहीं। इसी वजह से उन्हें राज्य स्तर पर एक प्रमुख महिला नेता माना जाता है। उनकी राजनीतिक और सामाजिक कार्यों के कारण उन्हें महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष भी बनाया गया था, जहां वे महिलाओं से जुड़े मामलों और जागरुकता अभियान पर काम कर रही थीं।
धोखेबाज बाबाओं पर कब होगी कार्रवाई?
एआईएमआईएम के प्रवक्ता वारिस पठान ने अशोक खरात पर लगे आरोपों को गंभीर बताया और जांच की मांग की। विपक्षी नेताओं ने कहा कि अंधविश्वास फैलाने वाली हस्तियों को रोकना जरूरी है ताकि कमजोर लोग उनके झांसे में न आएं और उनका शोषण न हो। रूपाली चाकणकर के इस्तीफे के बाद, शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि धोखेबाज बाबाओं जैसे अशोक खरात और उनके अनुयायियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों को देखकर महाराष्ट्र को सही दिशा में ले जाना जरूरी है।
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