When Mohan Bhagwat Will Get Retired From RSS: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) मुंबई में आयोजित हुए RSS के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में पहुंचे। जहां उन्होंने हिन्दू एकता, आरएसएस की विचारधारा, देश और कई मुद्दों पर बात की. इस दौरान उन्होंने आरएसएस सरसंघचालक पद को छोड़ने की भी बात की जिससे देश में खलबली मच गई. मोहन भागवत ने बता दिया कि वे आरएसएस प्रमुख का पद कब और क्यों छोड़ेंगे।
RSS प्रमुख ने कहा कि सरसंघचालक बनने के लिए क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र या ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है। जो हिंदू संगठन के लिए काम करता है। वही सरसंघचालक (RSS प्रमुख) बनता है।
उन्होंने ये भी कहा कि RSS का काम प्रचार करना नहीं, बल्कि समाज में संस्कार विकसित करना है। जरूरत से ज्यादा प्रचार से दिखावा और फिर अहंकार आता है। प्रचार बारिश की तरह होना चाहिए। सही समय पर और सीमित मात्रा में।
उन्होंने ये भी कहा कि संघ की कार्यप्रणाली में अंग्रेजी कभी मुख्य भाषा नहीं बनेगी, क्योंकि यह भारतीय भाषा नहीं है। जहां जरूरत होती है, वहां अंग्रेजी का इस्तेमाल किया जाता है। हमें अंग्रेजी सीखनी चाहिए, लेकिन मातृभाषा को नहीं भूलना चाहिए।
मोहन भागवत कब होंगे रिटायर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि यदि संघ उनसे पद छोड़ने को कहेगा, तो वे तुरंत ऐसा करेंगे। आमतौर पर 75 साल की उम्र के बाद किसी पद पर नहीं रहने की परंपरा की बात कही जाती है। मोहन भागवत की उम्र 75 हो गई है ऐसे में उनपर अब यह दबाव हो सकता है कि वे अब अपना उत्तराधिकारी चुन लें या संघ नए सरसंघचालक को चुने। बता दें कि मोहन बी भागवत 21 मार्च 2009 में आरएसएस प्रमुख बने थे.
मोहन भागवत चौथे ऐसे सरसंघचालक हैं जो सबसे ज्यादा दिनों के लिए चीफ के पद में हैं. उन्हें लगभग 17 साल हो गए हैं. उनसे पहले KS सुदर्शन आरएसएस प्रमुख थे जो 9 साल के लिए इस पद में रहे जबकि मधुर दत्तात्रय देओरस 20 साल 279 दिनों तक इस पद में रहे, सबसे ज्यादा समय के लिए आरएसएस चीफ के पद में एमएस गोलवार थे 32 साल 349 दिन
