Vitamin D Deficiency: हमारे भारत में विटामिन डी की कमी होने की समस्या अब तेजी से बढ़ती एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या के रूप में देखी जा रही है खास तौर पर शहरी और कॉर्पोरेट जीवन शैली अपनाने वाले लोगों में इसकी कमी चिंताजनक रूप से फैल रही है। डॉक्टर के अनुसार धूप की कमी लंबे समय तक घर पर indoor काम और बदलता खान-पान की आदत इसके कारण है।

ऑफिस लाइफस्टाइल से बढ़ रहा Vitamin D Deficiency का खतरा
मेट्रो शहर और कारपोरेट की सेक्टर में काम करने वाले लोग दिन का अधिकतम समय बंद कमरों में ही बिता देते हैं सुबह ऑफिस और शाम घर की दिनचर्या के बीच उनके शरीर को पर्याप्त मात्रा में धूप नहीं मिल पाता है। विटामिन डी का मुख्य स्रोत सूर्य की रोशनी ही होती है लेकिन इंदौर जीवन शैली इस प्राकृतिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है यही कारण है कि युवा प्रोफेशनल्स भी अब इसकी कमी का सामना देख रहे हैं।
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शरीर पर दिख रहे शुरुआती संकेत
Vitamin D Deficiency केवल शरीर में हड्डियों तक ही सीमित होने वाली समस्या नहीं है इसकी कमी होने से शरीर में थकान, मांसपेशियों में दर्द, बार-बार बीमार होना और मूड में बदलाव जैसे संकेत देखे जाते हैं। कई मामलों में लोग इन लक्षणों को सामान्य तनाव या थकान समझ कर नजअंदाज कर देते हैं लेकिन नजरअंदाज करने से यह समस्या और बढ़ती जाती है।
कॉर्पोरेट कर्मचारियों के लिए क्या है जरूरी जांच
डॉक्टर के अनुसार समय पर जांच करने से इस समस्या को समय पर नियंत्रित किया जा सकता है खास तौर पर कॉर्पोरेट कर्मचारियों के लिए कुछ टेस्ट तो महत्वपूर्ण बताई जा रहे हैं जैसे
25-Hydroxy Vitamin D Test, कैल्शियम की जांच, बोन मिनरल डेंसिटी (BMD), थायरॉयड फंक्शन टेस्ट, मैग्नीशियम लेवल आदि जैसे टेस्ट शरीर की आंतरिक स्थिति को सही से समझने में हेल्प करते हैं अगर समय रहते इलाज हो जाए तो शरीर स्वस्थ हो जाता है।
भारतीय खानपान भी है कारण
हमारे भारत में बड़ी संख्या में लोग शाकाहारी हैं और विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे फैटी फिश का सेवन भी सीमित मात्रा में ही होता है। इसके अलावा फोर्टीफाइड फूड का उपयोग भी बड़े लेवल पर नहीं किया जाता है। आज की आधुनिक जीवन शैली में जंक फूड और असंतुलित तरीके से भोजन पोषण संबंधित कमी को बढ़ा देते हैं।
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विटामिन डी की कमी के बचाव के लिए क्या करें
डॉक्टर के द्वारा दी जाने वाली जानकारी के अनुसार रोज अगर 15 से 20 मिनट भी हम धूप में बैठकर समय बिता ले और संतुलित मात्रा में आहार खाएं तो हमारे शरीर में विटामिन डी की कमी पूरी हो सकती है। बदलते आधुनिक जीवन शैली के बीच Vitamin D Deficiency अब केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं रही है बल्कि कामकाजी युवाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य का कारण बनती जा रही है समय पर इसकी जागरूकता से इसको कम किया जा सकता है।
