Copper Price after US-Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे टेंशन के कम होने की संभावना जताई जा रही है. गौरतलब है कि इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के द्वारा कई दावे किए जा रहे हैं, जिनमें ईरान से मिले तोहफे के साथ ही शांति वार्ता पर चर्चा की बातचीत भी शामिल है. और यही वजह है कि, कमोडिटी बाजार पर सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है. आपको बताएं कि, चांदी के साथ ही तांबे की कीमतों में भी ग्लोबल और घरेलू मार्केट में तेजी रिकॉर्ड हो रही है.
कॉपर का ताजा भाव
MCX पर आज तांबे की कीमत 1134.84 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई. इसके अलावा कॉमेक्स पर कॉपर का रेट $5.5215 प्रति किलोग्राम हो गया. अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे इस तनाव के बीच अमेरिका द्वारा लगातार यह बयान दिए जा रहे हैं कि वह शांति समझौता के लिए वार्ता करने वाले हैं. इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह भी बयान दिया है कि उन्हें ईरान से तेल और गैस का तोहफा प्राप्त हुआ है.
शांति वार्ता पर ईरान का क्या है कहना
सबसे खास बात यह है कि, शांति वार्ता और इस तोहफे के बारे में ईरान की तरफ से कोई बयान नहीं दिया गया है. इसके अलावा इजराइल के दूत डैनी डैनन की तरफ से भी संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल के बीच संभावित शांति वार्ता की किसी भी जानकारी से इनकार किया. उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु क्षमता हासिल न कर सके बस यही उनका लक्ष्य है. शांति वार्ता के बारे में उन्होंने कहा कि मुझे ऐसी वार्ताओं में हमारी भागीदारी की जानकारी नहीं है.
पहले भी अमेरिका ने दिए ये बयान
गौरतलब है कि, इसके पहले भी अमेरिका के द्वारा कहा गया था कि वे ईरान से बातचीत कर रहे हैं और युद्ध में जल्द ही नरमी दिखाई दे सकती है. हालांकि उसके बाद ईरान के द्वारा बातचीत से इनकार किया गया जिससे कमोडिटी मार्केट में और गिरावट रिकॉर्ड हुई थी. अभी ईरान की तरफ से मिडल ईस्ट तनाव में नरमी के कोई संकेत प्राप्त नहीं हुए हैं. लेकिन वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नजर रखने वाले कई जानकार यह कह चुके हैं कि तनाव का लंबे समय तक जारी रहना दुनिया के लिए बड़े आर्थिक संकट का संकेत है.
जंग नहीं रुकी तो नया संकट आयेगा!
यदि अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच चल रही यह जंग जल्द ही समाप्त नहीं होती है तो दुनिया के सामने नया ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है. जी हां जैसे गैस और पेट्रोलियम का संकट देखने को मिला है वैसे ही दुनिया भर में ऊर्जा का संकट भी देखने को मिलने लगेगा. ऐसे में जरूरी यही है की यह जंग रुके ताकि चीजें समान्य हो जाएं.
