UPI भुगतान को लेकर चल रही बहस के बीच एक बड़ा अपडेट देखने को मिला है एनपीसीआई ने ₹2000 से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट यूपीआई भुगतान पर 0.4% का मरचेंट डिस्काउंट रेट निर्धारित किया है यह व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाली है।

2000 रुपए से ऊपर UPI पर क्या बदलेगा?
एनपीसीआई के अनुसार ₹2000 से ज्यादा के परसों तो परसों मर्चेंट यूपीआई के लेनदेन पर 0.4% का एमडीआर लागू होगा, यहां एमडीआर का मतलब है मरचेंट डिस्काउंट रेट। यह शुल्क भुगतान प्राप्त करने वाले मर्चेंट से जुड़ा होता है यानी आम ग्राहक के लिए अब अलग से यूपीआई लेनदेन शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है। 75000 या फिर उससे ज्यादा के लेनदेन होने पर एमडीआर की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन की होगी। इसका मतलब यह है कि अगर कोई भी ग्राहक किसी दुकान को ₹3000 का यूपीआई भुगतान करता है तो 0.4% के हिसाब से एमडीआर 12 रुपए होगा। वहीं अगर आप 75000 का भुगतान करते हैं तो यह शुल्क ₹300 तक सीमित रहेगा।
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₹2000 तक के यूपीआई भुगतान करने पर क्या होगा?
भारत सरकार द्वारा जारी 14 सितंबर 2026 की अधिसूचना के अनुसार ₹2000 तक के यूपीआई लेनदेन पर बैंक या भुगतान प्रणाली द्वारा सीधे या प्रत्यक्ष रूप से शुल्क नहीं लगा सकते हैं। रुपए डेबिट कार्ड से किए गए भुगतान को भी इस व्यवस्था में शामिल किया गया है। इसके अलावा व्यक्ति से व्यक्ति को किया जाने वाला UPI का भुगतान मुफ्त रहने वाला है। इसलिए दोस्त या अपने परिवार के किसी भी सदस्य को पैसे भेजने पर आपकी बैलेंस में एमडीआर का कोई असर नहीं होगा।
राहुल गांधी ने इस मामले मे सरकार पर क्या कहा?
एनपीसीआई के नए फैसले से पहले ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार की यूपीआई संबंधित काम पर कई प्रकार के सवाल भीउठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ₹2000 के ऊपर के मर्चेंट लेनदेन पर एमडीआर लगाने का रास्ता खोल दिया है और इससे अमेरिकी दबाव से भी जोड़ दिया। राहुल गांधी ने यह भी बताया कि दुकानदारों पर आने वाली लागत का असर आगे चलकर ग्राहकों पर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि अमेरिकी दबाव के कारण या फैसला लिया गया है या कोई स्थापित तथ्य नहीं पता चलता है यह राहुल गांधी और कांग्रेस की तरफ से लगाए जाने वाला एक तरह का राजनीतिक आरोप प्रतीत होता है।
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आम UPI यूजर पर इसका कितना असर पड़ेगा?
इसमें सबसे जरूरी बात यह है कि नया एमडीआर सीधे ग्राहक से यूपीआई शुल्क के तौर पर वसूले जाने वाला चार्ज नहीं होने वाला है यह चुनिंदा ₹2000 से ज्यादा की मर्चेंट भुगतान के लिए निर्धारित होने वाला शुल्क है।₹2000 तक के भुगतान और व्यक्ति से लेनदेन पर मौजूदा व्यवस्था के तहत कोई भी शुल्क नहीं लगाया जाएगा इसलिए अब हर यूपीआई पेमेंट पर चार्ज लगेगा या कहना गलत होगा।




