Blinkit-Swiggy को कड़ी टक्कर देने वाली Zepto का आ रहा मेगा IPO! जानें डिटेल्स

Zepto के ब्रांड रंगों में डिलीवरी बैग और मोबाइल ऐप का दृश्य, IPO से जुड़ी खबर के संदर्भ में।

Upcoming Zepto IPO: भारतीय स्टॉक मार्केट में एक बार फिर टेक और स्टार्टअप कंपनियों का जलवा लौटता दिख रहा है. जी हां क्विक कॉमर्स सेक्टर की चर्चित कंपनी जेप्टो (Zepto) को मार्केट रेगुलेटर SEBI से IPO की मंजूरी मिल गई है और अब Zepto करीब 11,000 से 12,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है. खास बात यह है कि सिर्फ 4 साल पहले शुरू हुई यह कंपनी अब शेयर बाजार में एंट्री लेने जा रही है. गौर करने वाली बात यह है कि अगर सबकुछ योजना के अनुसार रहा, तो जेप्टो भारत की सबसे कम उम्र की वेंचर-बैक्ड स्टार्टअप बन सकती है जो इतनी तेजी से पब्लिक मार्केट तक पहुंची हो.

Zepto IPO की अहम बातें

Zepto का IPO इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ महीनों में निवेशकों की दिलचस्पी इंटरनेट और टेक प्लेटफॉर्म कंपनियों में फिर से बढ़ी है. स्विगी जैसी कंपनियों की सफल लिस्टिंग के बाद अब बाजार की निगाहें जेप्टो पर टिक गई हैं. कंपनी के को-फाउंडर आदित पालिचा के नेतृत्व में जेप्टो ने बहुत कम समय में भारतीय क्विक कॉमर्स बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना ली है. प्राइवेट कंपनी से पब्लिक कंपनी बनने की तैयारी में है Zepto.

कंपनी ने बदल दिया अपना नाम

आपको यह भी बता दें कि, हाल ही में कंपनी ने अपना नाम ‘जेप्टो प्राइवेट लिमिटेड’ से बदलकर ‘जेप्टो लिमिटेड’ कर लिया है. इसे IPO लॉन्च की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी का यह इश्यू करीब 11,000 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू हो सकता है, जबकि शुरुआती निवेशकों की हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर फॉर सेल यानी OFS भी शामिल रहेगा.

यह IPO ऐसे समय में आ रहा है जब भारत में क्विक कॉमर्स की लड़ाई बेहद आक्रामक हो चुकी है. जेप्टो की सीधी टक्कर ब्लिंकिट और स्विगी इंस्टामार्ट से है. वहीं फ्लिपकार्ट मिनट्स और अमेजन नाउ जैसे नए खिलाड़ी भी तेजी से बाजार में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

डिस्काउंट और फ्री डिलीवरी से बढ़ाई पकड़

अगर बात बीते साल की करें तो बीते अक्टूबर में जेप्टो ने 450 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई थी. उस समय कंपनी की वैल्यूएशन करीब 7 बिलियन डॉलर आंकी गई थी. इस फंडिंग के बाद कंपनी ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई शहरों में प्लेटफॉर्म फीस हटाई और भारी डिस्काउंट देना शुरू किया. यही वजह रही कि कंपनी की बाजार में पकड़ और तेजी से मजबूत हुई.

गौरतलब है कि मुकाबला इतना आसान भी नहीं है जितना नजर आता है. लिस्टेड कंपनियों के मुकाबले जेप्टो के पास कैश रिजर्व अभी कम है. पिछले साल के अंत तक कंपनी के पास करीब 7,000 करोड़ रुपये की नकदी थी, जबकि उसके प्रतिद्वंद्वी ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी इटरनल और स्विगी के पास लगभग 17,000 से 18,000 करोड़ रुपये मौजूद थे.

कब हो सकती है लिस्टिंग

रिपोर्ट्स के अनुसार जेप्टो की लिस्टिंग जुलाई से सितंबर 2026 तिमाही के बीच हो सकती है. इसे स्विगी के बाद भारत का सबसे बड़ा इंटरनेट आईपीओ माना जा रहा है. इतना ही नहीं, जेप्टो की एंट्री के बाद कई और बड़ी टेक कंपनियां भी बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं.

SEBI ने इन कंपनियों को भी दी मंजूरी

Zepto के अलावा SEBI ने धूत ट्रांसमिशन, होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स, सर्जिवियर, क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन और होटल पोलो टावर के आईपीओ को भी मंजूरी दी है.

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