UAE Islamabad Airport Deal Cancel: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान (Pakistan) को जोरदार झटका दिया है. कुछ दिन पहले ही UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (Sheikh Mohammed bin Zayed Al Nahyan) पीएम मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से मिलने के लिए भारत आए थे. ये मुलाकात काफी कम समय के लिए हुई थी मगर भारत से लौटने के बाद UAE ने पाकिस्तान को उसकी हैसियत बता दी.
दरअसल UAE पाकिस्तान के साथ के बड़ी डील करने वाला था. यह डील पाकिस्तान के इस्लामाबाद एयरपोर्ट को संचालित करने से जुडी थी. UAE को एयरपोर्ट का प्रबंधन सौंपा जाना था. जो पाकिस्तान की आर्थिक मुश्किलों के बीच बड़े निवेश और एक्सपर्टीज का सौदा माना जा रहा था. लेकिन पीएम मोदी से मिलने के बाद UAE ने इस डील को रद्द कर दिया।
रिपोर्ट्स के अनुसार UAE स्थानीय पार्टनर चुनने में असफल रहा और प्रोजेक्ट में उसकी रुचि खत्म हो गई है मगर इसकी वजह UAE राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद की दिल्ली यात्रा भी इसकी वजह बताई जा रही है. पिछले हफ्ते राष्ट्रपति जायद तीन घंटे के लिए दिल्ली में थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-UAE कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और मजबूत करने पर जोर दिया. इस दौरान एक स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप की दिशा में समझौता हुआ और डिफेंस कोऑपरेशन पर लेटर ऑफ इंटेंट साइन किया गया.
UAE और पाकिस्तान के बीच अनबन
राष्ट्रपति जायद भारत से वापस अपने देश लौटने के बाद UAE ने 900 भारतीय कैदियों की रिहाई को मंजूरी देदी। दूसरी ओर, UAE-पाकिस्तान संबंधों में लंबे समय से तनाव बढ़ रहा है. पहले UAE पाकिस्तान का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर था, लाखों पाकिस्तानी वहां काम करते थे और रेमिटेंस भेजते थे. दोनों देशों ने डिफेंस, एनर्जी और इन्वेस्टमेंट में सहयोग किया. लेकिन हाल के वर्षों में पाकिस्तान में सुरक्षा चिंताएं, लाइसेंसिंग विवाद, पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी उद्यमों में खराब गवर्नेंस ने उसका भरोसा कम किया है.
पाकिस्तान छोड़ भारत के साथ क्यों हुआ UAE
देखा जाए तो ज़्यादातर इस्लामिक देश, इस्लामिक देशों को ही प्राथमिकता देते हैं. जैसे सऊदी अरब और तुर्किये जैसे मुल्क पाकिस्तान का समर्थन करते हैं क्योंकी वो एक परमाणु शक्ति है. मगर UAE जा रुझान भारत की तरफ ज्यादा है और इसकी वजह है सऊदी अरब.
पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ डिफेंस डील की है और ‘इस्लामिक NATO’ जैसी पहल में शामिल होने की बात भी कही है. वहीं UAE ने भारत के साथ नए डिफेंस टाई-अप किए हैं. UAE और सऊदी अरब के बीच यमन जैसे मुद्दों पर मतभेद भी बढ़े हैं. ऐसे में UAE की प्राथमिकताएं भारत की ओर ज्यादा झुकती दिख रही हैं.
