Iran US Israel War: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के लिए पेट्रोलियम लेकर दो जहाज़ हुए रवाना, सुरक्षा में तैनात है भारतीय नेवी

Iran US Israel War : भारत में पेट्रोलियम प्रोडक्ट ले जाने वाले दो और मर्चेंट जहाज़ अभी होर्मुज स्ट्रेट से गुज़र रहे हैं। सूत्रों ने ANI को बताया कि ज़रूरत पड़ने पर मदद के लिए इंडियन नेवी के वॉरशिप तैयार हैं। यह मूवमेंट इलाके में सुरक्षा पाबंदियों के बीच हो रहा है, जहाँ सिर्फ़ कुछ चुनिंदा जहाज़ों को ही गुज़रने दिया जा रहा है और कई अभी भी क्लियरेंस का इंतज़ार कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में होर्मुज स्ट्रेट से जहाज़ों का मूवमेंट काफ़ी कम हो गया है। कुछ जहाज़ गुज़रने में कामयाब रहे हैं, जबकि कुछ अभी भी आस-पास के पानी में फंसे हुए हैं।

भारत में जहाजों का फ़्री मूवमेंट। Iran US Israel War

ईरान ने हाल ही में पाँच दोस्त देशों की लिस्ट जारी की है, जिसमें भारत, चीन, रूस और दूसरे देशों के जहाज़ों को होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने की इजाज़त दी गई है। भारत जाने वाले जहाजों का यह ट्रांजिट हाल ही में मिली मंज़ूरी के बाद हुआ है। होर्मुज में और बाहर हाल की मूवमेंट: इस महीने की शुरुआत में, LPG कैरियर शिवालिक और नंदा देवी उन भारतीय-जुड़े जहाज़ों में से थे जिन्होंने होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रा। इनमें से एक जहाज़ को ट्रांजिट के दौरान मदद मिली। भारत में LPG कार्गो ले जा रहे टैंकर पाइन गैस और जग वसंत भी इसी रास्ते से गुज़रे। शिपिंग डेटा के मुताबिक, उस समय आस-पास कई जहाज़ इंतज़ार कर रहे थे। स्ट्रेट से ट्रैफ़िक एक जैसा नहीं रहा है। इलाके के हालात की वजह से कुछ जहाज़ों ने अपनी यात्रा में देरी की या अपना रास्ता बदल लिया।

इंडियन नेवी सुरक्षा दे रही है। Iran US Israel War

होर्मुज़ स्ट्रेट और आस-पास के इलाकों के हालात शिपिंग ऑपरेशन पर असर डाल रहे हैं। GPS में रुकावट जैसी नेविगेशन से जुड़ी दिक्कतें रिपोर्ट की गई हैं, और समुद्री माइन के बारे में अलर्ट जारी किए गए हैं। इंडियन नेवी ने खाड़ी इलाके में व्यापारी जहाज़ों की मदद के लिए जंगी जहाज़ तैनात किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि नेवी यूनिट भारतीय झंडे वाले और भारत आने वाले जहाज़ों की मदद के लिए तैयार हैं। इस तैनाती का मकसद सुरक्षित ट्रांज़िट पक्का करना है।

होर्मुज़ स्ट्रेट का महत्व। Iran US Israel War

होर्मुज़ स्ट्रेट ग्लोबल एनर्जी रूट का एक अहम हिस्सा बना हुआ है, जिससे दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस शिपमेंट गुज़रते हैं। इस रूट में कोई भी रुकावट ग्लोबल सप्लाई पर असर डाल सकती है। भारत अपने कच्चे तेल और गैस इंपोर्ट के एक बड़े हिस्से के लिए इसी रूट पर निर्भर है। सूत्रों ने ANI को बताया कि आने वाले दिनों में भारत में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स ले जाने वाले और जहाज़ों के स्ट्रेट से गुज़रने की उम्मीद है।

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