रीवा। रीवा में दो जैन सांध्वीयों की मौत का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। सोमवार को इस मामले में संत समाज एवं जैन समुदाय के लोग सड़क पर उतर आए। उन्होने मौन जूलूस निकाला है, तो वही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने रीवा (मध्य प्रदेश) में दो जैन साध्वियों की सड़क हादसे में मौत के मामले को गंभीरता से लिया है। आयोग ने एमपी के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी कर 2 सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने साध्वियों की सुरक्षा में लापरवाही को मानवाधिकारों का उल्लंघन माना है। यह कार्रवाई सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और प्रशासन की संभावित लापरवाही की जांच के लिए की गई है।
न्यायिक जांच की मांग
घटना के बाद जैन समाज में भारी आक्रोश है। इस हादसे में दो साध्वियों की मृत्यु के बाद, समाज ने इसे हत्या बताते हुए 25 मई को भोपाल, इंदौर, रीवा, सतना, विदिशा सहित कई शहरों में मौन जुलूस निकाले और या न्यायिक जांच की मांग की। जैन समाज ने इसे साजिश मानते हुए संत सुरक्षा प्रोटोकॉल और संत सुरक्षा नीति लागू करने की मांग किया है। जैन समाज ने इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग पर जोर दे रहा है।

कार की टक्कर से तीन साध्वी हो गई थी घायल
दरअसल 20 मई 2026 को रीवा में पदविहार कर रहीं जैन साध्वियों को एक तेज रफ्तार कार सिविल लाइन थाना अंतर्गत कलेक्टर कार्यालय के पास टक्कर मार दिया था। इस हादसे में श्रुति मति माता और उपसमिति माता की मौत हो गई थी, जबकि आर्यिका माता गंभीर रूप से घायल हैं। घटना का सनसनीखेज सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी कार चालक रशीद अली शाह को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, जैन समुदाय इसे महज हादसा न मानकर सुनियोजित हत्या का संदेह जता रहा है और पिछले साल रतलाम में भी हुई ऐसी ही एक घटना का हवाला देकर सख्त कार्रवाई पर अड़ा है।




