Two historical books focused on ‘Naikahai War’ released in Rewa: रीवा में बघेली साहित्य और स्थानीय इतिहास के प्रेमियों के लिए एक यादगार दिन रहा, जब बघेली गद्य साहित्य की दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण एक गरिमामय समारोह में संपन्न हुआ। प्रसिद्ध बघेली गद्य लेखक कुंवर रविरंजन सिंह की पुस्तक ‘नैकहाई जुज्झि’ और डॉ. देवेन्द्र सिंह सोमवंशी की पुस्तक ‘अजीत फतेह नायक रायसा’ का विमोचन रविवार को अर्बन ग्रिल रेस्टोरेंट स्वयंवर, नरेन्द्र नगर में हुआ। ये दोनों पुस्तकें रीवा रियासत के इतिहास में प्रसिद्ध ‘नैकहाई युद्ध’ पर केंद्रित हैं। यह युद्ध 18वीं शताब्दी में महाराजा अजीत सिंह के शासनकाल में लड़ा गया था, जिसमें रीवा के मुट्ठी भर वीर सैनिकों ने मराठा सेनापति नायक की विशाल सेना को करारी शिकस्त दी थी। किंवदंतियों और लोककथाओं में अमर यह घटना विंध्यांचल क्षेत्र के बघेल राज्य रीमाँ की वीरता का प्रतीक बनी हुई है।
पुस्तकें इस ऐतिहासिक संग्राम को बघेली भाषा और हिन्दी में विस्तार से उजागर करती हैं, जिससे नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम का आयोजन आर्ट प्वाइंट सांस्कृतिक शिक्षा समिति, रीवा द्वारा किया गया, जिसमें सह-आयोजक के रूप में मण्डप सांस्कृतिक शिक्षा समिति रीवा, रावेन्द्र प्रताप सिंह शिक्षा सांस्कृतिक समिति तथा रंग अनुभव रीवा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह में मुख्य अतिथि नवाब शादाब अली बहादुर रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में लाल बहादुर सिंह, देवेन्द्र सिंह, चन्द्रिका प्रसाद चन्द्र और जयराम शुक्ला की गरिमामय उपस्थिति रही। बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, इतिहासकार, बघेली भाषा के रसिक और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे, जिन्होंने इस आयोजन को उत्साहपूर्ण बनाया। आयोजकों ने बताया कि ये पुस्तकें न केवल बघेली भाषा के संरक्षण में योगदान देंगी, बल्कि रीवा के इतिहास को नए सिरे से जीवंत भी करेंगी।
