बॉलीवुड के अभिनेता Tiger Shroff से जुड़े फायरिंग मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद जांच में कई अहम पहलू सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक जांगी ऐप, नगदी और हथियारों के कथित कनेक्शन का जिक्र किया गया है। पुलिस की जांच का मकसद यह पता लगाना है कि टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के प्लानिंग कैसे बनाई गई, किसने बनाई और इसके पीछे कितने लोग हैं।
Tiger Shroff Firing Case में तीन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी करने वाले तीनों आरोपियों को पुलिस ने राजस्थान के कोटा में ट्रेन से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान ऋतिक कुमार उर्फ रोशन, रेहान और फूल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस घटना से पहले उनकी गतिविधियों और उनके कांटेक्ट की जांच कररहे हैं।
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जांगी ऐप से जुड़े दावे की क्या है असली सच्चाई?
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों का संबंध जंगी ऐप से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है हालांकि अभी तक ऐप के इस्तेमाल की कोई स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच के लिहाज से ये पता लगाना जरूरी है कि क्या आरोपियों के मोबाइल फोन में मिले इस एप्लीकेशन से जुड़ी बातचीत या अन्य कोई डिजिटल सबूत भी हैं। साथी क्या टाइगर श्रॉफ पर कि हम लोग का संबंध इस ऐप से संपर्क में रहे किसी व्यक्ति का है। इन सवालों का जवाब आधिकारिक जांच के बाद ही मिलेगा।
नकदी और हथियारों के कनेक्शन पर हो रही जांच
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीनों आरोपियों को कल ₹50000 की राशि दी गई थी और हमला सफल होने पर और भी रकम देने का वादा किया गया था। पुलिस अपराधी को किए गए भुगतान और इसके पीछे शामिल लोगों की अभी भी जांच कर रहीहै। इस घटना में हुए इस्तेमाल हथियारों की जांच पर भी जारी है घटनास्थल से पांच खाली कारतूस और दो जिंदा कारतूस मिलने की जानकारी मिली है। हालांकि हथियारों के स्रोत और उन्हें उपलब्ध कराने वाले लोगों की भूमिका पर भी पता चलना भी बाकी है।
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हमले की साजिश में और कौन कौन शामिल हो सकता है?
Tiger Shroff पर हुए हमले के मामले में पुलिस को संदेह है कि आरोपी 11 अक्टूबर को भी इस फुटबॉल मैदान पर पहुंचा हुआ था लेकिन उसे दिन टाइगर श्रॉफ वहां नहीं आए थे। इसके बाद 18 अक्टूबर को वह दोबारा उसी स्थान पर पहुंचकर गोलीबारी किया। मुंबई पुलिस सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड्स की मदद से घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर अपराधी का पता लग रहीहै। फिलहाल जंगी ऐप से कथित फंडिंग और हथियारों के बीच संबंध की पूरी तस्वीर अभी स्पष्ट नहींहै।

