रीवा जिले में शनिवार का दिन राहत और समझौतों के नाम रहा, जहाँ राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से हजारों परिवारों को वर्षों पुराने विवादों और बकाया करों से मुक्ति मिली। विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित इस वृहद शिविर में जिला न्यायालय से लेकर नगर निगम के जोन कार्यालयों तक न्यायिक और नागरिक सुविधाओं का बड़ा संगम देखने को मिला। इस दौरान न्यायाधीशों की मौजूदगी में पक्षकारों के बीच संवाद स्थापित कर बरसों से लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण वातावरण में निराकरण कराया गया।
नगर निगम ने दी अधिभार में भारी राहत, नागरिक हुए लाभान्वित
नगर पालिक निगम रीवा द्वारा करदाताओं के लिए यह अंतिम अवसर बेहद लाभकारी सिद्ध हुआ। शहर के सभी जोन कार्यालयों और मुख्यालय में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक विशेष काउंटर संचालित किए गए। जहाँ वर्ष 2025-26 तक के बकाया संपत्तिकर, जल प्रभार और अन्य उपभोक्ता प्रभारों के अधिभार (सरचार्ज) पर 25% से लेकर 100% तक की भारी छूट प्रदान की गई। इस विशेष छूट का लाभ उठाने के लिए सुबह से ही नगर निगम कार्यालयों में नागरिकों की भारी भीड़ देखी गई।
त्वरित न्याय: न अपील का झंझट, न कोर्ट के चक्कर
लोक अदालत में बैंक ऋण, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना दावा, सिविल और पारिवारिक विवादों जैसे संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। इस आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यह रही कि यहाँ आपसी सहमति से सुलझाए गए मामलों को न्यायालय का अंतिम फैसला माना जाता है, जिसके विरुद्ध आगे कोई अपील नहीं की जा सकती। इससे न केवल पक्षकारों के समय और धन की बचत हुई, बल्कि न्यायालयों में लंबे समय से लंबित फाइलों का बोझ भी कम हुआ। प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकरण के इस साझा प्रयास ने ‘सुलभ और त्वरित न्याय’ की अवधारणा को धरातल पर सार्थक कर दिखाया है।




