Budget 2026: रेलवे के लिए यह बजट खास! विभाग को मिल सकता है बड़ा आवंटन, जाने किस किस तरफ होगा फोकस?

Budget 2026 : भारत सरकार का 2026-27 का आने वाला केंद्रीय बजट एक बार फिर रेलवे सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है। इंडियन रेलवे को पिछले कुछ सालों में लगातार ज़्यादा आवंटन मिला है, और इस बार भी, पूंजीगत खर्च में स्थिरता या थोड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि रेलवे के लिए कुल आवंटन ₹2.65 लाख करोड़ से ₹2.8 लाख करोड़ तक पहुँच सकता है, जो पिछले बजट (2025-26 में लगभग ₹2.65 लाख करोड़) की तुलना में 8% तक की बढ़ोतरी होगी। यह फोकस 2047 तक विकसित भारत के विज़न के साथ तालमेल बिठाएगा, जिसमें सुरक्षा, आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार और बेहतर यात्री सुविधाओं पर ज़ोर दिया जाएगा।

मुख्य उम्मीदें और संभावित घोषणाएँ | Budget 2026

कवच सिस्टम का विस्तार: स्वदेशी एंटी-कोलिजन सिस्टम, कवच (कवच 4.0–5.0) के बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए महत्वपूर्ण फंडिंग मिलने की संभावना है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, दुर्घटनाओं को कम करने के लिए व्यस्त रूटों पर इसके तेज़ी से रोलआउट को बढ़ाया जाएगा।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें: लंबी दूरी की यात्रा में क्रांति लाने के लिए 20 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को शुरू करने की पूरी उम्मीद है। उन्नत 24-कोच वाले वर्जन (AC पैंट्री, ज़्यादा बर्थ, आग सुरक्षा सुविधाएँ, CCTV और कवच इंटीग्रेशन के साथ) का उत्पादन और रोलआउट तेज़ी से किया जाएगा, जो संभावित रूप से राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की जगह ले सकती हैं।

AI और स्मार्ट ऑपरेशन: स्टेशनों को अपग्रेड करने, सिग्नलिंग सिस्टम में AI का उपयोग करने, स्मार्ट मॉनिटरिंग और ऑपरेशनल दक्षता बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। इससे ट्रेन की गति, समय की पाबंदी और क्षमता में सुधार होगा।

वरिष्ठ नागरिक रियायतों की बहाली: वरिष्ठ नागरिक रियायतों (मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों पर 40-50%) की बहाली की ज़ोरदार मांग है, जिन्हें COVID-19 के कारण 2020 से निलंबित कर दिया गया था। बजट में घोषणा से लाखों बुज़ुर्ग यात्रियों को राहत मिलेगी।

हाइड्रोजन ट्रेनों पर ज़ोर: ग्रीन हाइड्रोजन-आधारित ट्रेनों के पायलट प्रोजेक्ट को कमर्शियल स्तर पर ले जाने के लिए नीतिगत समर्थन और फंडिंग की उम्मीद है। यह रेलवे को ज़्यादा पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। कुल मिलाकर, पूंजीगत खर्च पर लगातार ध्यान देने से वंदे भारत, कवच और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसी परियोजनाओं में तेज़ी आएगी, जिससे वैश्विक स्तर पर इंडियन रेलवे और मज़बूत होगा।

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