सतना। एमपी का सतना मेडिकल कॉलेज स्टाफ की कंमी से जुझ रहा है। डॉक्टरों की भारी कंमी के चलते यहां पढ़ने वाले मेडिकल छात्रों की पढ़ाई में भी संकट के बादल है। यहां तय मापदंड के तहत आधे से ज्यादा पद खाली पड़े हुए है। जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।
144 में खाली है 72 पद
जानकारी के तहत मेडिकल कॉलेज में 144 पद स्वीकृत किए गए है। जिसमें से 72 पद खाली पड़े हैं। इतना ही नही सीनियर और जूनियर रेसीडेंट के पद भी पर्याप्त संख्या में नहीं भरे गए हैं। मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेसीडेंट के 50 और जूनियर रेसीडेंट 13 पद अब भी खाली पड़े हुए हैं। विभागवार स्तर पर नजर दौड़ाई जाए तो एनाटमी, फिजियोलॉजी, पैथोलॉजी और फॉरेंसिक मेडिसिन जैसे अहम विषयों में मेडिकल टीर्चरों की काफी कमी बनी हुई है।
टीम कर सकती है निरिक्षण
सतना का मेडिकल कॉलेज राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मानकों पर कितना खरा उतर पाता है, यह कहपाना जरा मुश्किल है। जानकारी के तहत आयोग के नियमानुसार सभी पदों पर मेडिकल टीर्चरों एवं डॉक्टरों की नियुक्ति होना जरूरी है। कॉलेज में स्टाफ की कंमी बनी रहने पर इसका असर मेडिकल सीटों पर सबसे ज्यादा पड़ सकता है। जो जानकारी आ रही है उसके तहत राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की टीम का दौरा कभी भी लग सकता है। ऐसे में कॉलेज के लिए संकट की घड़ी हो जाएगी।
इस समस्या को लेकर कॉलेज प्रशासन का कहना है कि कॉलेज स्तर से जो पद भरे जाने है उसके लिए प्रक्रिया की जा रही है जबकि स्वीकृत पदों पर भर्ती शासन स्तर से की जाएगी, उसके लिए विज्ञापन जारी किए जाएगें।