रीवा: जिले में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के आउटसोर्स कर्मचारी दिलीप मिश्रा और उनके साथियों के निलंबन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के पदाधिकारी और प्रतिनिधि लामबंद होकर संभागायुक्त कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा।
‘बदले की भावना’ से कार्रवाई का गंभीर आरोप
ज्ञापन सौंपने पहुंचे समाज के पदाधिकारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिलीप मिश्रा को गत 2 अक्टूबर को सवर्ण समाज के नेताओं की निकाली गई प्रतीकात्मक ‘अर्थी यात्रा’ और उसके बाद आयोजित तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने की वजह से जानबूझकर निलंबित किया गया है। पदाधिकारियों का कहना है कि यह प्रतीकात्मक विरोध यूजीसी के मुद्दे पर समाज के नेताओं की चुप्पी के खिलाफ दर्ज कराया गया था, लेकिन विद्युत वितरण कंपनी ने बदले की भावना से यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
निलंबन निरस्त करने की मांग
इस दमनकारी कार्रवाई से नाराज समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, दिलीप मिश्रा का निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाने की अपील भी की गई है।




