एमपी वेदर। मध्यप्रदेश इन दिनों भीषण सर्दी और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में रात का तापमान 3 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है, वहीं सुबह होते ही प्रदेश का बड़ा हिस्सा कोहरे की चादर में लिपट जा रहा है। असर सिर्फ जनजीवन पर नहीं, बल्कि रेल और सड़क यातायात पर भी साफ दिख रहा है। गुरुवार सुबह प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारे में जबरदस्त गिरावट हुई। छतरपुर का खजुराहो सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 3.2 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी में ऐसी ही कड़ाके की ठंड पड़ेगी।
अभी और तेज होगा सर्दी का सितम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ठंड से फिलहाल राहत मिलती नजर नही आ रही है बल्कि 2-3 दिन के बाद असर और बढ़ जाएगा, क्योंकि हिमालय के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। जब ये आगे बढ़ेगा तो बर्फ पिघलने लगेगी और बर्फीली हवा की रफ्तार भी बढ़ जाएगी। प्रदेश के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। ग्वालियर-चंबल अंचल से लेकर विंध्य क्षेत्र तक सड़कें धुंध में गुम रहीं। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर जैसे जिलों में दृश्यता बेहद कम रही। भोपाल, इंदौर, देवास, सीहोर और रायसेन में भी मध्यम कोहरा दर्ज किया गया।
रिकार्ड किया गया तापमान
रीवा में 4.1 डिग्री, दतिया में 4.2 डिग्री, नौगांव-शिवपुरी में 5 डिग्री, उमरिया में 5.4 डिग्री और पचमढ़ी में 5.8 डिग्री रहा है, जबकि शेष शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रिकार्ड किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि जनवरी माह में ठंड का असर इसी तरह से बना रहेगा, खात तौर से उत्तर-भारत से लगे हुए क्षेत्र में ठंड के तीखे तेवर रहने की संभावना है। मौसम की वजह से रेल यातायात प्रभावित है। अधिकांश ट्रेन देरी से चल रही है तो हवाई सेवा भी मौसम से हाफ रही है। एक दम सुबह के समय घना कोहरा होने के कारण वाहन चालक वाहनों की लाइट जलाकर वाहन चला रहे है।
