Aatm Manthan :आपके हिसाब से सबसे बुरा इंसान कौन होता है? जो न अपने लिए […]
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क्या सारी दुनिया हमारी दुश्मन है ! रहीमदास जी ने क्यों कहा – “रहिमन निज मन की बिथा मन ही राखो गोय. …
Aatm Manthan :क्यों लोग किसी का दर्द नहीं समझते हैं क्यों सब कहते हैं कि […]
विनम्रता की तुलना पानी से क्यों की है हमारे संतों ने !
Aatm Manthan : बड़े बड़े संतों ने हमें पानी रखने की सलाह दी है पर […]
उपलब्धियों से मिलता है आत्मविश्वास और आत्म सम्मान
Aatm Manthan :जब हम जीवन पथ पर आगे बढ़ते हैं तो जीवन की कठिनाइयाँ हमें […]
हर गिले शिकवे को भूलाकर ,ख़ुद के अंदर झाँककर देखिये और बना लीजिये ज़िंदगी को खूबसूरत !
Aatm Manthan :आप को पता है ज़िंदगी को ख़ूबसूरत बनाने का एक मन्त्र है ! […]
हम सही हैं इसकी सफाई किसी और को क्यों दें !
Aatm Manthan :आपको नहीं लगता ! दिन ब दिन बेहतर बनने की खुद को निखारने […]
इस जग को क्या दें ,इससे क्या लें और क्या छोड़ दें !
Aatm Manthan : यूँ तो ये जग माया जाल है ,यहाँ रहकर कोरी आत्मा पर […]
कहाँ छुपी है आपके मन शांति ,आपका सबसे बड़ा धन !
Aatm Manthan :मन की शांति से बड़ी कोई संपत्ति है क्या ! शायद आप खोजते […]
महाभारत करें कि न करें ये उचित है या अनुचित !
Aatm Manthan :महाभारत सही थी या ग़लत, शायद सही ही थी क्योंकि कभी-कभी बिना महाभारत […]
दुनिया कौन होती है हमें…
न्याज़िया मंथन। दुनिया कुछ भी कहे, हम अच्छे हैं ,बुरे हैं या अजीब हैं तो […]
