Aatm Manthan :कभी-कभी मन इतना बेचैन हो जाता है कि फिर हम सुकून और ख़ुशी […]
Tag: introspection
ज़िंदगी कुछ भी दोहराएगी नहीं, हमारे हाँथ आएँगीं तो सिर्फ यादें
Aatm Manthan :ज़िंदगी हर घड़ी बदल जाती है कभी डराती है तो कभी ख़ुशी देती […]
किसको सँवारें तन को मन को या मस्तिष्क को !
Aatm Manthan :कभी-कभी उदासियाँ हमें यूँ घेर लेती हैं कि लगने लगता है कि अब […]
क्यों कहते हैं समय बड़ा बलवान है इसके आगे कभी- कभी हथियार डालने में ही भलाई होती है !
Aatm Manthan :समय बड़ा बलवान है और इसके खेल भी निराले हैं , इसके आगे […]
कैसे ताल मेल बिठाएँ इस दुनिया से और चन्दन बन जाएँ
Aatm Manthan :-दुनिया में हर तरह के लोग होते हैं इसी वजह से अच्छे बुरे […]
क्या आप जानते हैं ,मन की गालियाँ कितनी सँकरी हैं कौन दो लोग उससे साथ में नहीं गुज़र सकते !
Aatm Manthan :कई बार दिल को समझाना पड़ता है कि ख़ुद को इतनी इम्पोर्टेंस नहीं […]
क्यों कहा गया :धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय
Aatm Manthan :कभी-कभी जीवन में धैर्य रखने की बहोत ज़रुरत होती है मगर हमें लगता […]
कैसा है ज़िंदगी का खेल ,बार-बार ग़लत होना भी क्या सही है ! है भी तो कैसे !
Aatm Mathan :कभी -कभी हम काफी मायूस हो जाते है जब लगता है कि हमारे […]
जब मूल्यांकन करना हो तो अपना ही करें सुखी रहेंगे, दूसरों का करेंगे तो दुखी रहेंगे !
Aatm Manthan: मूल्यांकन करना अच्छा है पर किसका ,और क्यों ? क्या मिलता है इससे […]
आज 31 दिसंबर है फिर आने वाला पल जाने वाला है…..
Aatm Manthan :आज है 31 दिसंबर यानि हर बार की तरह ये साल भी जाने […]
