Bagheli Ukhan Kahani: इंहन कहत हें “नेमाइन के तुपकदार मूड़े मा गोरसी’। मने नेमाइन के […]
Tag: Bagheli Ukhan Kahani Hindi Mein
Bagheli Ukhan | “पढ़ाए पढ़य ना खूसड़, नबाए-नबय ना मूसर” बघेली उक्खान की कहानी
Bagheli Ukhan: अपने इहन बघेलखंड मा एकठे उक्खान खूब चलत हय, कहा जात हय-“पढ़ाए पढ़य […]
Bagheli Ukhan | “सरि घुन जाय, ता सरि घुन जाय, गोतिया के खाय अकारथ जाय”
Bagheli Ukhan: अपने इहन बघेलखंड मा एकठे उक्खान खूब कहा जात हय- “सरि घुन जाय, […]
Bagheli Ukhan | “सेंत के चाउर, मउसिया के सेराध” बघेली उखान की कहानी
Bagheli Ukhan : इया समय पितरपक्ख चलत लाग हय, ता विचार भा एहिन से संबंधित […]
