बॉलीवुड के फेमस एक्टर Suresh oberoi ने सीजीपी के नीट प्रदर्शन को लेकर कहीं सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े हुए लोगों को किसी भी आंदोलन का सपोर्ट करने से पहले उसे आंदोलन के बारे में पूरी जानकारी पता होना जरूरी होता है।
सेलेब्स को लेकर क्या बोले है, सुरेश ओबेरॉय?
Suresh Oberoi ने निधि वासदानी के पॉडकास्ट में कहा कि एक्टर्स की बात को बड़ी संख्या में लोग ध्यान से सुनते हैं इसलिए उन्हें बोलने से पहले किसी भी मुद्दे को समझ लेना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया है की सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल सभी लोग नीट के छात्र थे या फिर दूसरे राजनीतिक या सामाजिक समूह से भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें किसी विषय के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है तो वह उसे विषय पर बोलने की बजाय चुप रहना पसंद करते हैं उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस के साथ हुई झड़प पर भी अपनी आपत्ति जताई है।
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विदेशी भूमिका और अमेरिकी एडवाइजरी का भी जिक्र
suresh Oberoi ने यह भी कहा कि उन्होंने प्रदर्शन में विदेशी लोगों की भूमिका और फंडिंग से जुड़ी बातें भी सुनी है हालांकि उन्होंने इन दागों के समर्थन की कोई ठोस सबूत नहीं बोले और किसी खास व्यक्ति का नाम भी नहीं लिया। उन्होंने 17 जुलाई को जारी अमेरिकी दूतावास का प्रदर्शन संबंधित एडवाइजरी का भी जिक्र किया इसमें 20 और 21 जुलाई को मध्य दिल्ली में बड़े जमावड़े और जुड़े यातायात की चेतावनी दी गई थी। लेकिन उपलब्ध रिपोर्टिंग के आधार पर या एडवाइजरी अपने आप में किसी अमेरिका भूमिका या प्रदर्शन की फंडिंग का प्रमाण नहीं देती है।
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तो CJP प्रदर्शन का अब क्या हुआ?
सीजेपी का नीट से जुड़ा प्रदर्शन 36 दिनों तक चला जो की 25 जुलाई को खत्म हो गया था केंद्र सरकार के साथ बातचीत के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने और प्रदर्शन कार्यों पर दर्ज मामलों को वापस लेने एवं अन्य मांगों पर काम करने का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया है।
ऐसे में सुरेश ओबेरॉय के द्वारा इस तरह के बयान उसे सवाल पर केंद्रित करते हैं कि क्या सार्वजनिक हस्तियों को किसी आंदोलन का सपोर्ट करने से पहले उसके बारे में जांच करके बोलना चाहिए।

