भोपाल। मध्यप्रदेश के शासकीय स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों (Guest Teachers) के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अतिथि शिक्षकों की दोबारा ज्वाइनिंग (Re-joining) को लेकर नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है। अब केवल उन्हीं अतिथि शिक्षकों की सेवाएं आगे जारी रखी जाएंगी, जो विभाग के नए उपस्थिति मानकों पर खरे उतरेंगे।
री-ज्वाइनिंग के लिए तय की गईं दो अनिवार्य शर्तें
विभाग द्वारा जारी नए आदेश के मुताबिक, आगामी सत्र में दोबारा नियुक्ति पाने के लिए अतिथि शिक्षकों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा:
- 90% ई-अटेंडेंस अनिवार्य: अतिथि शिक्षकों की फरवरी 2026 से अप्रैल 2026 के बीच की अवधि में कम से कम 90 प्रतिशत या उससे अधिक ‘ई-अटेंडेंस’ (e-Attendance) दर्ज होनी चाहिए।
- नियमित मानदेय: इस निर्धारित अवधि (फरवरी से अप्रैल) के दौरान उन्होंने विभाग से नियमित रूप से अपना मानदेय (Honorarium) प्राप्त किया हो।
नोट: इन दोनों अनिवार्य शर्तों में से किसी भी एक को पूरा न करने वाले अतिथि शिक्षकों की री-ज्वाइनिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी जाएगी।
भविष्य में पूरे सत्र की उपस्थिति बनेगी आधार
लोक शिक्षण संचालनालय ने दूरगामी नीति स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह व्यवस्था केवल कुछ महीनों (फरवरी से अप्रैल) के ट्रायल के लिए नहीं है। भविष्य में इसे और व्यापक बनाया जाएगा, जिसके तहत पूरे शैक्षणिक सत्र की ई-अटेंडेंस को ही री-ज्वाइनिंग का मुख्य आधार माना जाएगा। यानी पूरे साल स्कूल में दी गई उपस्थिति ही अतिथि शिक्षकों की नौकरी बचाने का सबसे बड़ा पैमाना बनेगी।
अधिकारियों और प्राचार्यों को कड़े कदम उठाने के निर्देश
नए नियमों को धरातल पर कड़ाई से लागू करने के लिए संचालनालय ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों (Joint Directors), जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) और शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों (Principals) को दिशा-निर्देश भेज दिए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि ई-अटेंडेंस और मानदेय के रिकॉर्ड की सूक्ष्मता से जांच करने के बाद ही आगामी सत्र में ज्वाइनिंग की पात्रता तय की जाए।




