Global Fuel Crisis: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz मैं दिक्कतों के कारण ग्लोबल फ्यूल क्राइसिस बढ़ता जा रहा है हाल ही के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उछाल देखा गया है जबकि एलजी की सप्लाई प्रभावित हुई है। यह संकट मुख्य रूप से ईरान यूएस इजरायल के संघर्ष के कारण देखा जा रहा है जिसका असर भारत सहित कई आयात निर्भर देश पर पढ़ रहा है।

क्यों Global Fuel Crisis से तेल और गैस सप्लाई पर दबाव
ग्लोबल फ्यूल क्राइसिस होने के कारण इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है मार्केट एनालिसिस करने वाले लोगों के अनुसार कुछ बेंचमार्क क्रूड की कीमत 140 डॉलर से 160डॉलर प्रति बैरल तक हो गई है जिसका सीधा असर एलपीजी और पेट्रोलियम के प्रोडक्ट के सप्लाई पर देखा जा रहा है। स्टॉक एक्सचेंज और कमोडिटी डाटा के अनुसार सप्लाई चैन में दिक्कत आने से एशियाई देशों के ऑप्शनल स्रोतों की तलाश करनी पड़ रही है। भारत जो अपनी उर्जा जरूर का सबसे बड़ा हिस्सा आयात के द्वारा प्राप्त करता था, वह इस संकट से सबसे अधिक प्रभावित देशों में शामिल है।
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क्या है संकट के प्रमुख कारण
Global Fuel Crisis का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता राजनीतिक तनाव है ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष और यूनाइटेड स्टेट्स की सेवा की मौजूदगी ने स्थिति को और भी ज्यादा जटिल कर दिया है। मार्केट विशेषज्ञ के अनुसार Strait of Hormuz के जरिए दुनिया की लगभग 20% तेल सप्लाई होती है इस मार्ग से अगर किसी भी प्रकार की दिक्कत हो जाती हैं तो वैश्विक ऊर्जा बाजार तुरंत प्रभावित हो सकता है। वर्तमान की हालत में जहाज के आने जाने की परमिशन सीमित होने से निर्यात में गिरावट देखी गई है।
जाने भारत पर प्रभाव और सप्लाई जोखिम
हमारे देश भारत में ग्लोबल फ्यूल क्राइसिस का असर एलपीजी और पेट्रोल की उपलब्धता में हमें अभी ही दिखने लगा है। जानकारी के मुताबिक देश की एलजी आयात निर्भरता लगभग 60% अन्य देशों पर है जबकि कच्चे तेल के लिए यह आंकड़ा 85% के करीब है।
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क्या देते हैं मार्केट विशेषज्ञ राय
इस मामले में मार्केट एनालिसिस करने वाले लोगों की जानकारी के अनुसार अगर Global Fuel Crisis इसी तरह से लंबा खींचता है तो ऊर्जा कीमतों में और भी बढ़ोतरी देखी जा सकती है। ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार वैकल्पिक सप्लाई रूट विकसित होने में अभी समय लगेगा जिससे अल्पकालिक स्थिरता की स्थिति देखी जा सकती है। हालांकि यह भी अनुमान है कि अगर इसका समाधान निकलता है तो Strait of Hormuz फिर से पूरी तरह खुल सकता है तभी बाजार में स्थिरता आ सकती है। निवेश करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
