महिलाओं और पुरुषों के शरीर में कई बीमारियों का असर अलग-अलग देखने को मिलता है कुछ संक्रमण में महिलाओं का शरीर बेहतर तरीके से लड़ पता है जबकि कुछ बीमारियां उन में अधिक होती है। इस पर वैज्ञानिकों की एक रिसर्च में SIRT7 Protein को इस अंतर की एक महत्वपूर्ण वजह बताया गया है। रिसर्च करने वाले लोगों का कहना है कि यह प्रोटीन डीएनए की सुरक्षा और कोशिकाओं के सामान्य काम में अहम भूमिका निभाता है।
SIRT7 Protein क्या होता है और इसका काम क्या है?
यह प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं में मौजूद एक प्रकार का विशेष प्रोटीन होता है। जो दाना को सुरक्षित रखने और जिन की गतिविधियों को नियंत्रित करने में मदद करता है। वैज्ञानिकों के अनुसार या प्रोटीन कोशिकाओं को नुकसान से बचने और उनकी स्थिरता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रिसर्च में ऐसा पाया गया है कि जब इस प्रोटीन की मात्रा कम हो जाती है तो कोशिकाओं में दाना क्षति बढ़ सकती और कई सारी जैविक प्रक्रियाएं भी प्रभावित होती है।
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SIRT7 Protein और X क्रोमोसोम का क्या है संबंध
नई रिसर्च के अनुसार प्रोटीन का संबंध एक्स क्रोमोजोम से जुड़ा हुआ है। महिलाओं में दो एक्स क्रोमोसोम होते हैं जबकि पुरुषों में एक x और एक y क्रोमोसोम होता है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि SIRT7 Protein एक्स क्रोमोसोम की संरचना और उसके कार्य को संतुलित रखने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर महिलाओं की कोशिकाओं में ज्यादातर बदलाव और अस्थिरता देखने को मिलती है।
बीमारी के प्रति प्रतिक्रिया में क्यों दिखता अंतर?
विशेषज्ञ लंबे समय से यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि पुरुषों और महिलाओं में एक ही बीमारी का प्रभाव अलग क्यों दिखता है। नई स्टडी बताती है कि हार्मोन के अलावा अनुवांशिक कारक और प्रोटीन भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिकानिभाते हैं। यही कारण हो सकता है कि कुछ संक्रमण के खिलाफ महिलाओं की प्रतिरक्षा प्रक्रिया बहुत मजबूत होती है और कुछ ऑटोइम्यून बीमारि अधिक देखने को मिलती है।
उम्र बढ़ने और स्वास्थ्य पर क्या पड़ सकता है इसका असर?
रिसर्च करने वाले लोगों का मानना है कि SIRT 7 प्रोटीन से केवल बीमारियों की प्रतिक्रिया ही नहीं बल्कि उम्र बढ़ाने की प्रक्रिया से भी जुदा हो सकता है। अगर यह प्रोटीन सही तरीके से काम नहीं करता है तो कोशिकाओं में क्षति बढ़ सकती है जिस उम्र से जुड़ी दिक्कतें देखने को मिल सकती है। हालांकि इस विषय पर अभी और रिसर्च की जरूरतहै।
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भविष्य की चिकित्सा के लिए क्यों अहम है खोज?
इस खोज से भविष्य में पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग उपचार रन नीतियां विकसित करने में मदद मिल सकती है। इससे ऐसी दवाइयां उपचार विकसित किया जा सकते हैं जो जैविक अंतर को ध्यान में रखकर प्रभावी परिणाम दे सकते हैं।

