भारतीय सर्राफा बाजार में Silver Price Today ने निवेशकों को हैरान कर दिया है। पिछले तीन दिनों में चांदी की कीमतों में लगभग 48,000 रुपये प्रति किलो का भारी उछाल देखा गया है। एमसीएक्स (MCX) पर आई इस तूफानी तेजी ने जहां एक ओर निवेशकों को मोटा मुनाफा दिया है, वहीं बाजार विशेषज्ञों ने अब इस ‘बुलबुले’ के फटने की आशंका जताते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
MCX पर चांदी का नया शिखर: आंकड़ों की जुबानी
बुधवार को बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों ने पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी मंगलवार के बंद भाव 3,56,279 रुपये से उछलकर सीधे 3,83,100 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। महज एक दिन के कारोबार में यह 26,000 रुपये से अधिक की वृद्धि है।
अगर इस पूरे सप्ताह के रुझान को देखें, तो सोमवार से अब तक चांदी की कीमतों में 48,401 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह उछाल न केवल घरेलू बाजार में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महसूस किया जा रहा है। पिछले एक साल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 30 डॉलर प्रति औंस से बढ़कर 111 डॉलर तक पहुंच चुकी है।
Silver Price Today: क्यों आ रही है इतनी भारी तेजी?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि चांदी की कीमतों में इस ‘गदर’ के पीछे दो बड़े कारण हैं। पहला कारण है इसकी वास्तविक औद्योगिक मांग (Industrial Demand)। मौजूदा समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, सोलर एनर्जी और एडवांस बैटरी टेक्नोलॉजी में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है।
दूसरा और सबसे प्रमुख कारण है निवेश की मांग। हाल के दिनों में सिल्वर ईटीएफ (Silver ETF) के प्रति निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ा है। जब निवेशक कागजी तौर पर चांदी खरीदते हैं, तो फंड हाउस को बैकएंड पर फिजिकल चांदी खरीदनी पड़ती है। बीते 90 दिनों में ईटीएफ की मांग दोगुनी होने से बाजार में चांदी की उपलब्धता कम हुई है और कीमतें आसमान छूने लगी हैं।
सोने की चमक भी पड़ी तेज
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी जोरदार तेजी देखी जा रही है। इस सप्ताह के तीन दिनों में 24 कैरेट सोना करीब 6,876 रुपये महंगा हो गया है। बुधवार को एमसीएक्स पर सोना 1,72,949 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर कारोबार करता दिखा। वैश्विक अस्थिरता और सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर पीली धातु की मांग लगातार बनी हुई है।

क्या चांदी में निवेश करना अब जोखिम भरा है?
कीमतों में इस तूफानी तेजी के बीच एक्सपर्ट्स ने रेड फ्लैग (Red Flag) दिखाया है। टूवांटा वेल्थ के संस्थापक किर्तन शाह के अनुसार, चांदी का ऐतिहासिक ट्रैक रिकॉर्ड काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब चांदी की कीमतों में गिरावट आती है, तो यह अक्सर अपने मूल्य का 80 से 90 प्रतिशत तक खो देती है।
शाह का मानना है कि वर्तमान में चांदी की कीमतें इसकी वास्तविक औद्योगिक उपयोगिता से कहीं अधिक बढ़ गई हैं, जो एक क्लासिक ‘बबल’ या बुलबुले का संकेत है। उनके मुताबिक, मौजूदा ऊंचे भावों पर नई खरीदारी करना जोखिम भरा हो सकता है।
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