इंडियन प्रीमियर लीग के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स को उनके घर में मात देकर अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इस हाई-वोल्टेज मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने अंतिम ओवरों की अपनी रणनीति और विशेषकर आखिरी गेंद के सस्पेंस पर खुलकर बात की। गिल के अनुसार, टीम का आत्मविश्वास डगमगाया नहीं था और उन्हें पिच की प्रकृति का पूरा अंदाजा था।
गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेला गया यह मैच किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं था। राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 196 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। हालांकि, गुजरात के कप्तान शुभमन गिल का मानना था कि इस पिच पर 210 रन भी पार स्कोर से अधिक थे। गिल ने मैच के बाद स्पष्ट किया कि उनकी टीम मानसिक रूप से बड़े लक्ष्य का पीछा करने के लिए तैयार थी।
मैच की अंतिम कुछ गेंदों पर सारा दारोमदार टिका हुआ था। जब राशिद खान और राहुल तेवतिया क्रीज पर थे, तब समीकरण काफी कठिन नजर आ रहा था। लेकिन गुजरात के खेमे में योजना बिल्कुल साफ थी। शुभमन गिल ने बताया कि उन्हें इस बात का पूरा भरोसा था कि अगर खेल आखिरी गेंद तक जाता है, तो दबाव गेंदबाज पर होगा, न कि बल्लेबाज पर।
शुभमन गिल ने आखिरी गेंद की रणनीति पर क्या कहा?
जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बातचीत करते हुए शुभमन गिल ने खुलासा किया कि आखिरी गेंद के लिए उन्होंने और उनके बल्लेबाजों ने क्या सोचा था। गिल ने कहा, “हमें पता था कि इस पिच पर आखिरी ओवरों में तेज गति की गेंद के मुकाबले स्लोअर वन यानी धीमी गेंद को मारना अधिक मुश्किल होगा। हमने बल्लेबाजों को निर्देश दिया था कि वे गेंदबाज के हाथ को ध्यान से देखें और शरीर के करीब आने वाली गेंद का इंतजार करें।”
गुजरात टाइटंस के कप्तान ने आगे कहा कि सवाई मानसिंह स्टेडियम की पिच रात के समय थोड़ी धीमी हो जाती है। ऐसे में जो गेंदबाज अपनी गति में बदलाव कर रहे थे, उन्हें खेलना चुनौतीपूर्ण था। गिल की यह रणनीति कारगर साबित हुई क्योंकि राशिद खान ने अंतिम गेंद पर धैर्य बनाए रखा और टीम को बाउंड्री के जरिए जीत दिलाई।
लक्ष्य और पिच की स्थिति पर कप्तान का नजरिया
शुभमन गिल ने राजस्थान द्वारा बनाए गए स्कोर पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “जब हम गेंदबाजी कर रहे थे, तब हमें लगा कि राजस्थान ने 10-15 रन अतिरिक्त बना लिए हैं। हमारे हिसाब से इस पिच पर 180-185 का स्कोर चुनौतीपूर्ण होता, लेकिन 196 के पार जाना राजस्थान के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक लाभ था। फिर भी, हमें अपनी बल्लेबाजी गहराई पर भरोसा था।”
मैच के दौरान मध्यक्रम में कुछ विकेट गिरने के बावजूद गिल ने एक छोर संभाले रखा। उनकी 72 रनों की पारी ने ही जीत की नींव रखी थी। गिल ने अपनी पारी के बारे में बात करते हुए कहा कि उनका काम खेल को गहराई तक ले जाना था ताकि अंत में बड़े हिट्स लगाने वाले खिलाड़ियों के लिए मंच तैयार रहे।
राशिद खान और राहुल तेवतिया का फिनिशिंग टच
गुजरात टाइटंस की जीत में राशिद खान की भूमिका सबसे अहम रही। गिल ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि राशिद केवल एक विश्व स्तरीय गेंदबाज ही नहीं, बल्कि एक शानदार ऑलराउंडर भी हैं। जब आखिरी ओवर में जीत के लिए जरूरी रन रेट बढ़ता जा रहा था, तब राशिद ने शांत रहकर स्ट्राइक रोटेट की और खराब गेंदों को सीमा रेखा के बाहर भेजा।
राहुल तेवतिया के साथ उनकी साझेदारी ने राजस्थान रॉयल्स के गेंदबाजों की लय बिगाड़ दी। राजस्थान के कप्तान संजू सैमसन ने भी मैच के बाद स्वीकार किया कि अंतिम दो ओवरों में उनकी टीम ने अपनी लाइन और लेंथ पर नियंत्रण खो दिया था, जिसका फायदा गुजरात के अनुभवी फिनिशर्स ने बखूबी उठाया।
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