APSU Rewa में PhD पात्रता परीक्षा में ‘गंभीर अनियमितताएं’, पुनर्मूल्यांकन के नतीजों पर छात्रों ने उठाये सवाल

Serious irregularities in PhD eligibility test at APSU Rewa

Serious irregularities in PhD eligibility test at APSU Rewa: अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय (APSU) रीवा की हाल ही में आयोजित PhD पात्रता परीक्षा (PET) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे छात्रों में विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश फैल गया है। विवाद की जड़ परीक्षा के बाद उत्तरपुस्तिकाएं अपलोड न होने और परिणाम में विसंगतियां हैं। छात्रों का आरोप है कि पुनर्मूल्यांकन के नतीजे सामने आने के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है।

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अप्रत्याशित अंक वृद्धि पर सवाल

छात्रों के अनुसार, ऐसे कई अभ्यर्थी हैं जिन्हें मुख्य परीक्षा में केवल 24 से 25 अंक मिले थे, लेकिन पुनर्मूल्यांकन के बाद उनके अंक अप्रत्याशित रूप से बढ़कर 40 से 55 तक पहुंच गए हैं। छात्रों का दावा है कि ऐसे अभ्यर्थियों की संख्या एक दर्जन से अधिक है। छात्रों ने इसे सीधे तौर पर मूल्यांकन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार या गंभीर लापरवाही का संकेत बताया है, जो उनके भविष्य से खिलवाड़ है। यह अप्रत्याशित अंक वृद्धि विश्वविद्यालय प्रबंधन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

छात्रों की मांग: स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कार्रवाई

आक्रोशित छात्रों ने पूरी परीक्षा प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने और इसमें शामिल दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। यह मामला APSU में परीक्षा परिणामों की गड़बड़ी से जुड़े पुराने विवादों की याद दिलाता है। इससे पहले, अप्रैल 2025 में भी छात्र संगठनों ने परीक्षा परिणाम में धांधली को लेकर प्रदर्शन किए थे।

विश्वविद्यालय प्रशासन की सफाई

मामले को गहराता देख विश्वविद्यालय प्रशासन ने सफाई जारी की है। प्रशासन ने कहा है कि जिन छात्रों को पुनर्मूल्यांकन परिणाम पर आपत्ति है, वे सूचना के अधिकार (RTI) के तहत अपनी उत्तरपुस्तिकाएं देख सकते हैं। विश्वविद्यालय ने यह भी आश्वासन दिया है कि यदि गड़बड़ी साबित हुई तो दोबारा मूल्यांकन किया जाएगा। फिलहाल, छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

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