Accenture Earnings के बाद शुक्रवार को भारत की शेयर बाजार में आईटी सेक्टर में दबाव देखने को मिला है। अमेरिकी आईटी सेवा कंपनी एक्सेंचर द्वारा फाइनेंशियल ईयर के लिए राजस्वृद्धि का अनुमान घटा जाने के बाद निवेश करने वाले लोगों ने आईटी शेयर में बिकवाली की। इसका असर टीसीएस, इन्फोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक और महिंद्रा जैसी प्रमुख शहरों पर देखने को मिला है जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही कारोबार में दबाव देखा जा रहा है।

Accenture Earnings के बाद IT सेक्टर में क्यों चिंता?
एक्सेंचर ने अपनी तिमाही इनकम के साथ पूरे फाइनेंशियल ईयर में राजस्वृद्धि का अनुमान 3 से 5% से घटकर 3 से 4% कर दिया। कंपनी के ऑफिशियल बयान में बताया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी मांग बनी हुई है लेकिन वैश्विक ग्राहक अभी भी आईटी खर्च को लेकर थोड़ी सतर्कता रख रहे है। बाजार की विश्लेषकों के अनुसार कंपनी का प्रदर्शन वैश्विक आईटी सेवाओं की मांग का एक महत्वपूर्ण संकेत है। ऐसे में उसके सतर्क आउटलुक का असर भारत की आईटी कंपनी के शेयर पर भी देखने को मिल सकता है।
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भारतीय IT शेयरों पर कैसा होगा असर?
शुक्रवार को बिजनेस में टीसीएस,Infosys, Wipro, HCLTech और Tech Mahindra के साथ-साथ अधिकांश बड़ी आईटी कंपनी के शेयर में 5% से 8% तक की गिरावट देखी गई है। वहीं निफ्टी आईटी इंडेक्स भी करीब 5% से ज्यादा में कमजोर हुआ है। स्टॉक एक्सचेंज डाटा के अनुसार इट शेयर में तेज बिग वाली होने के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांक पर दबाव बना हुआ है। बाजार पंजीकरण में भी कमी देखने को मिली है जिससे निवेश करने वाले लोगों की संपत्ति पर असर हुआ है।
निवेशक की राय क्या कहती है?
मौजूदा गिरावट का प्रमुख कारण कमजोर आउटलुक बताया जा रहा है ना की कंपनी की मौजूदा फाइनेंशियल रिजल्ट। उनका मानना है कि अमेरिकी और यूरोपीय कंपनी द्वारा आईटी खर्चे में सतर्कता रखना से भारत की आईटी कंपनी की निकट अवधि की इनकम की वृद्धि प्रभावित होने वाली है। हालांकि विशेषज्ञ का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं की बढ़ती मांग लंबे समय में आईटी उद्योग के लिए एक नए अवसर पैदा कर सकती है। इसलिए मौजूदा स्थिति को लंबे समय की कमजोरी के रूप में नहीं देखे।
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निवेशकों के लिए अब आगे क्या संकेत?
आने वाली तिमाही में भारत की आईटी कंपनी की ऑर्डर बुक क्लाइंट खर्च और प्रबंधन की भविष्य संबंधित टिप्पणियां बाजार की दिशा निर्धारित कर पाएगी यदि वैश्विक आर्थिक गतिविधियों और कॉर्पोरेट के आईटी खर्चे में सुधार हो जाता है तो सेक्टर में स्थिरता का माहौल देखा जाएगा। यह रिपोर्ट केवल सूचना के उद्देश्य से इसको निवेश की सलाह के रूप में नहीं समझे।




