सत्येंद्र जैन मानहानि मामला: करनैल सिंह को कोर्ट का समन

Judge gavel symbolizing court summons in defamation case

दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने सत्येंद्र जैन मानहानि मामला में एक अहम कानूनी कदम उठाया है। अदालत ने पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की शिकायत पर संज्ञान लिया। इसके साथ ही भाजपा नेता करनैल सिंह को समन जारी किया गया है। यह मामला एक टीवी इंटरव्यू में दिए गए कथित बयानों से जुड़ा है।

राउज एवेन्यू कोर्ट ने क्या आदेश दिया

प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने शिकायत को सुनवाई योग्य माना। इसके बाद आरोपी करनैल सिंह को समन जारी किया गया। अब उन्हें तय तारीख पर अदालत में पेश होना होगा।

किस बयान को लेकर विवाद खड़ा हुआ

दरअसल, जनवरी 2025 में एक टीवी समाचार चैनल को दिए गए इंटरव्यू में विवाद शुरू हुआ। उस दौरान करनैल सिंह ने सत्येंद्र जैन को लेकर कुछ गंभीर दावे किए थे। जैन का कहना है कि इन बयानों से उनकी सार्वजनिक छवि प्रभावित हुई।

शिकायत में लगाए गए मुख्य आरोप

शिकायत के अनुसार, इंटरव्यू में कथित तौर पर कहा गया था कि प्रवर्तन निदेशालय ने जैन के घर से बड़ी मात्रा में सोना बरामद किया। इसके अलावा, उनके नाम पर सैकड़ों एकड़ जमीन होने का दावा भी किया गया। हालांकि, जैन ने इन आरोपों को पूरी तरह तथ्यहीन बताया है।

बचाव पक्ष ने क्या तर्क रखे

वहीं, करनैल सिंह की ओर से वकील विनोद दहिया ने अदालत में पक्ष रखा। उनका कहना था कि दिए गए बयान आधिकारिक एजेंसी की जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित थे। साथ ही, उन्होंने तर्क दिया कि चुनावी माहौल में जानकारी साझा करना राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है।

क्षेत्राधिकार को लेकर उठी आपत्ति

इसके अलावा, बचाव पक्ष ने अदालत के क्षेत्राधिकार पर भी सवाल उठाया। दलील दी गई कि बयान के समय करनैल सिंह कोई विधायक या सांसद नहीं थे। इसलिए, विशेष अदालत में सुनवाई पर आपत्ति जताई गई।

अदालत का रुख क्या रहा

हालांकि, अदालत ने इस आपत्ति को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सुनवाई योग्य हैं। इसी आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया को जरूरी माना गया।

Court summons issued in Satyendar Jain defamation case

शिकायतकर्ता की ओर से क्या कहा गया

इस बीच, सत्येंद्र जैन की ओर से अधिवक्ता रजत भारद्वाज ने दलीलें पेश कीं। उन्होंने कहा कि आरोप जानबूझकर राजनीतिक लाभ के लिए लगाए गए। उनके अनुसार, ऐसे बयानों से व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचता है।

आगे की प्रक्रिया क्या होगी

अब समन जारी होने के बाद करनैल सिंह को अदालत में उपस्थित होना होगा। इसके बाद अदालत यह तय करेगी कि मामले में साक्ष्य और जिरह की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ेगी।

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