5 people of a family seriously ill after drinking cow’s Teli in Satna: सतना जिले के रामपुर बघेलान क्षेत्र के लामी करही गांव में बुधवार को परंपरा बन गई खतरनाक साबित। जितेंद्र द्विवेदी के घर गाय ने बछड़े को जन्म दिया था। प्रसव के बाद निकला पहला गाढ़ा दूध जिसे स्थानीय भाषा में ‘तेली’ या ‘खीस’ कहते हैं, परिवार के पांच सदस्यों ने शुभ मानकर पी लिया। कुछ ही देर में सभी को तेज उल्टी, दस्त और पेट में मरोड़ शुरू हो गई। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तुरंत रामपुर बघेलान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।
प्राथमिक इलाज के बाद भी सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टरों ने सभी पांचों मरीजों को रीवा के संजय गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल सभी पांचों मरीज संजय गांधी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हैं। डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया है और उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
डॉक्टरों ने बताया कि प्रसव के तुरंत बाद का दूध अत्यधिक गाढ़ा और गर्म तासीर वाला होता है। इसे बिना अच्छी तरह उबाले और ठंडा किए सीधे पीना खतरनाक हो सकता है। इससे गंभीर फूड पॉइजनिंग और पेट का इन्फेक्शन हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे शुभ और पौष्टिक मानकर पीने की पुरानी परंपरा है, लेकिन चिकित्सकों ने सलाह दी है कि ऐसा दूध जरूर उबालकर और ठंडा करके ही पिएं।
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