एक्टर और फिल्ममेकर संजय ख़ान को क्यों मिला ‘ गोल्डेन बॉय ऑफ बॉलीवुड’ का नाम

Veteran actor and filmmaker Sanjay Khan in classic and recent portraits

Happy Birthday Sanjay Khan: 3 जनवरी 1940 को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पैदा हुए बॉलीवुड के ‘गोल्नडेन बॉय’ हैंडसम एक्टर संजय ख़ान आज 86 साल के हो चुके हैं , उन्होंने बॉलीवुड से लेकर टेलीविज़न तक अपनी ख़ास पहचान बनाई है। वो एक्टर होने के साथ-साथ वो प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भी रह चुके हैं।

बचपन से था हीरो बनने का शौक :-

संजय ख़ान का असली नाम है, शाह अब्बास अली ख़ान। उन्हें बचपन से ही अपनी खूबसूरती का एहसास हो गया था और वो फिल्मों के दीवाने भी थे इसीलिए जब उन्होंने राज कपूर की ‘आवारा’ देखी तभी से हीरो बनने की ठान ली ,अपना नाम भी संजय ख़ान रख लिया हालाँकि आपके बड़े भाई फिरोज़ खान और अकबर ख़ान इसी राह पर चल रहे थे और आगे चलकर उनका भी नाम बड़े एक्टर और डायरेक्टर्स में शामिल हुआ एक भाई समीर खान भी एक्टर बनें और शाहरुख ख़ान बिज़नेसमैन हैं। आपके वालिद सादिक अली खान अफगानी और वालिदा फातिमा पारसी थीं और उनका फिल्मों से कोई वास्ता नहीं था। वालिद सादिक अली खान बिज़नेसमैन थे और उनका शुमार ख़ानदानी रईसों में होता था।

कैसे बन गए गोल्डेन ब्यॉय :-

संजय ख़ान के फ़िल्मी करियर की शुरुआत साल 1966 की फिल्म ‘ हक़ीक़त ’ से हुई और इस फिल्म से ही उन्हें दर्शकों का इतना प्यार मिला कि इसके बाद उन्होंने नेशनल अवॉर्ड विनिंग फिल्म ‘दोस्ती’ में काम किया और फिर एक से बढ़कर एक शानदार , ‘इंतकाम’ ‘दस लाख’, ‘एक फूल दो माली’, ‘धुंध’, ‘मेला’, ‘अब्दुल्लाह ‘ ‘उपासना’, ‘नागिन’ ,’काला धंधा गोरे लोग’ और ‘चांदी सोना’ जैसी दर्जनों हिट फिल्में हमें दीं। यही नहीं 60 ,70 और 80 के दशक में संजय खान को उनकी हिट फिल्मों , शानदार एक्टिंग और आकर्षक व्यक्तित्व( Attractive personality) और इंप्रेसिव लुक की वजह से ही ‘ गोल्डेन बॉय ऑफ बॉलीवुड’ का नाम भी मिला।

द सॉर्ड ऑफ टीपू सुल्तान’ के दौरान हादसा :-

बॉलीवुड के अलावा उन्होंने टीवी इंडस्ट्री में भी काम किया , टेलीविजन इतिहास में एक ख़ास जगह रखने वाला सीरियल – द सॉर्ड ऑफ टीपू सुल्तान’, तो आपको याद ही होगा इसे न केवल उन्होंने बनाया था बल्कि इसमें हीरो यानी टीपू सुलतान का किरदार भी निभाया था और खूब तारीफें और शोहरत भी बटोरी थीं ,ये सीरियल उनके करियर का मील का पत्थर भी साबित हुआ क्योंकि 1989 में इस सीरियल की शूटिंग के दौरान संजय ख़ान के साथ एक बड़ा हादसा पेश आया जिसमें सेट पर अचानक आग लग गई और संजय इस आग की चपेट में आकर क़रीब 65 फीसदी तक झुलस गए इसके बाद उनकी कई सर्जरी हुई थी और उन्हें13 महीने तक अस्पताल में एडमिट रहना पड़ा था।

क्यों बनाया ‘जय हनुमान’ धारावाहिक :-

कहते हैं जिस वक़्त पूरा देश उनके लिए दुआएँ कर रहा था उसी समय जयपुर हनुमान मंदिर के पुजारी ने भी उनके लिए प्रार्थना करने ,जल्द सेहतयाब होने के लिए पूजा रखी थी और संजय ख़ान के ठीक होने के बाद उन्हें ये बात बताने भी पहुँचा था। पुजारी की बात सुनकर संजय ने पुजारी जी का आभार व्यक्त किया और मंदिर भी गए , यही नहीं कुछ सालों बाद हनुमान जी की कृपा को दर्शाता 1997 का धारावाहिक ‘जय हनुमान’ भी बनाया था। वो इन भक्ति धारावाहिकों की श्रृंखला में ‘महा काव्य महाभारत 1’, भी डायरेक्ट कर चुके हैं।

अब क्या कर रहे हैं संजय ख़ान :-

संजय खान क़रीब 22 साल से अभिनय और निर्माण से दूर हैं और कुछ साल पहले तक अपने 80 के दशक में शुरू किए गए चावल निर्यात के बिज़नेस में ध्यान दे रहे थे उनका चावल मध्य पूर्वी देशों को भेजा जाता था फिर साल 1997 में अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताकर उन्होंने बेंगलुरु में फाइव स्टार गोल्डन पाम्स होटल एंड स्पा बनाया जिसमें देश का सबसे बड़ा स्विमिंग पूल है हालाँकि अब संजय इसे 120 करोड़ रुपये में बेच चुके हैं और अब हाउसिंग प्रोजेक्ट में बिज़ी हैं जिसकी जानकारी वो अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर साझा करते रहते हैं। बेंगलुरु में संजय ख़ान का फार्म भी है वो रियल एस्टेट बिज़नेस में भी अपना कमाल दिखाते रहते हैं।

कौन थी संजय ख़ान की पत्नी :-

संजय ख़ान नेअभिनेत्री और मॉडल रह चुकीं ज़रीन ख़ान से शादी की थी जो ”तेरे घर के सामने’ फिल्म में देव आनंद की सेकेट्री के रूप में हमें आज भी दिख सकती हैं जबकि आज वो इस दुनिया में नहीं हैं। बतौर सह-अभिनेत्री अपनी जगह बनाने वाली ज़रीन ख़ान ने संजय ख़ान से शादी के बाद एक्टिंग छोड़ दी थी और इंटीरियर डिज़ाइनर और राइटर बन गईं थीं ,आपके चार बच्चे हैं ज़ायद ख़ान और बेटी फराह, सुजैन और सिमोन, जिनमें ज़ायद भी ‘मै हूँ न’ जैसी फिल्मों में अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेर चके हैं।

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