सागर शराब कांड: दिल्ली से आती थी स्पिरिट, ग्वालियर से पैकिंग का सामान; कई राज्यों तक फैला नेटवर्क

SAGAR

भोपाल। सागर शराब कांड की जांच में पुलिस के सामने अब एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का नेटवर्क सामने आया है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नकली शराब बनाने से लेकर उसकी पैकिंग और बिक्री तक की कड़ियां अलग-अलग शहरों से जुड़ती जा रही हैं। पुलिस जांच में दिल्ली से लेकर ग्वालियर, मुरैना और सागर तक इसके तार मिले हैं।

मामले में अब तक 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

दिल्ली से आती थी स्पिरिट, ग्वालियर से पैकिंग का सामान

पुलिस जांच के मुताबिक सागर के बंडा इलाके में नकली शराब बनाने के लिए अलग-अलग जगहों से सामान मंगाया जाता था। शराब तैयार करने के लिए दिल्ली से औद्योगिक स्पिरिट और थिनर मंगाए जाने की बात सामने आई है।

जांच में पता चला कि दिल्ली की आरएन केमिकल्स से 5 ड्रम औद्योगिक स्पिरिट और थिनर सागर भेजा गया था। पुलिस ने इस मामले में फर्म के मालिक अनुपम गिरी को गिरफ्तार किया है।

वहीं नकली शराब की पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली करीब 11 हजार खाली बोतलें, शराब की बोतलों पर लगाए जाने वाले रैपर और प्लास्टिक से जुड़ा सामान ग्वालियर से बरामद किया गया है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह सामान किसके जरिए मंगाया जाता था और नकली शराब तैयार होने के बाद इसे किन-किन जगहों पर पहुंचाया जाता था।

मुख्य आरोपी की नकली शराब पीने से मौत

इस पूरे मामले में दिनेश शिवहरे की भूमिका भी सामने आई थी। हालांकि नकली शराब पीने के बाद उसकी मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक दिनेश शिवहरे और उसके साथी देवेंद्र उर्फ देवा जाटव ने कथित नकली शराब का सेवन किया था। इसके बाद दोनों की तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर दिनेश को मुरैना ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।

जांच में पुलिस को चंदू राजा, मनीष लोधी, आशीष साहू, सिद्धार्थ कुशवाहा और रोहित पटेल समेत कई लोगों की भूमिका की जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक गिरोह से जुड़े लोग लाइसेंसी शराब दुकानों की आड़ में नकली शराब खपाने का काम करते थे।

आरोपियों से पूछताछ में खुलती गईं कड़ियां

सागर शराब कांड सामने आने के बाद पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। इसके बाद एक के बाद एक कई नाम सामने आते गए और जांच का दायरा सागर से बाहर दूसरे जिलों और राज्यों तक पहुंच गया।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली शराब बनाने के लिए कच्चा माल कौन उपलब्ध कराता था, बोतल और रैपर कहां से आते थे और तैयार शराब को बाजार तक पहुंचाने में कौन-कौन शामिल था।

CM मोहन यादव ने दिए थे कड़ी कार्रवाई के निर्देश

मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर पहुंचे थे और अधिकारियों को अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

इसके बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। प्रशासन ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़े आरोपियों के अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई की है।

मनीष लोधी और सिद्धार्थ कुशवाहा की तलाश

पुलिस की कार्रवाई के बीच कुछ आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। इनमें मनीष उर्फ यशवंत लोधी और सिद्धार्थ कुशवाहा के नाम भी शामिल हैं। पुलिस उनकी तलाश में अलग-अलग जगहों पर दबिश दे रही है।

दूसरी ओर प्रशासन भी अवैध शराब के ठिकानों और आरोपियों के अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।

पुलिस की जांच अब इस पूरे नेटवर्क की अगली कड़ी तक पहुंचने पर टिकी है। दिल्ली से स्पिरिट और ग्वालियर से पैकिंग का सामान आने की जानकारी सामने आने के बाद जांच का दायरा दूसरे राज्यों तक बढ़ गया है। पुलिस को आशंका है कि आगे की जांच में इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।

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