भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन प्रकोष्ठ (स्टेट लेवल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन सेल यानि एसएएसी का गठन किया गया है।
एनएएसी की तरह करेगी काम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार एनएएसी की तर्ज पर स्थापित यह प्रकोष्ठ राज्य के महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के मूल्यांकन एवं प्रत्यायन की प्रक्रिया को सुदृढ़ कर राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन की प्रक्रिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करना है। एसएएसी के अंतर्गत प्रथम चरण में प्रदेश के 341 शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों का राज्य स्तरीय मूल्यांकन किया जाएगा।
होगी प्रशिक्षण कार्यशाला
शिक्षा संस्थानों के प्रक्रिया के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 21, 22 एवं 23 जुलाई 2026 को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 जुलाई को 113 महाविद्यालयों, 22 जुलाई को 113 महाविद्यालयों तथा 23 जुलाई को 115 महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशालाओं में प्रतिभागियों को एसएएसी के मूल्यांकन मानदंडों, गुणवत्ता संकेतकों, दस्तावेजीकरण, संस्थागत तैयारियों तथा प्रत्यायन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी।
उच्च शिक्षा की गुणवत्ता विकसित करना है
उच्च शिक्षा विभाग का उद्देश्य एसएएसी के माध्यम से प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता संस्कृति को विकसित करना, राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन व्यवस्था को मजबूत बनाना, संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार करना तथा सतत गुणवत्ता सुधार एवं संस्थागत उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना है। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार गुणवत्ता, पारदर्शिता, उत्कृष्टता के मूल मंत्र के साथ एसएएसी प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।




