Riot Platforms के शेयरों में पिछले सप्ताह लगभग 5% की बढ़त दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों के बीच इससे संबंधित रिकवरी होने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। यह तेजी डाटा सेंटर के विस्तार से जुड़ी एक पॉजिटिव खबर और आने वाले तिमाही नतीजे की उम्मीद के बीच आई है। इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर क्रिप्टो माइनिंग सेक्टर और इससे जुड़े निवेशकों पर पड़ता दिख रहा है।

बाजार में Riot Platforms का हालिया प्रदर्शन
पिछले सप्ताह Riot Platforms Stock में करीब 5.3% की तेजी देखी गई थी। स्टॉक एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, यह उछाल ऐसे समय में देखा गया था जब कंपनी अपने बिजनेस को पुराने बिटकॉइन माइनिंग से आगे बढ़कर हाई परफार्मेंस कंप्यूटिंग और डाटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की तरफ बढ़ा रही थी। हालांकि साल की शुरुआत से स्टॉक में अस्थिरता देखी जा रही है। क्रिप्टो माइनिंग कंपनियों की तरह राइट प्लेटफॉर्म्स भी बिटकॉइन की कीमत में उतार-चढ़ाव से सीधे तौर पर प्रभावित होती दिखती है। कंपनी के पास बड़ी मात्रा में बिटकॉइन के होल्डिंग्स मौजूद है जिससे इसकी बैलेंस शीट पर डिजिटल ऐसेट वैल्यू का असर पड़ता है।
ये भी पढ़े : टाटा ग्रुप में Retail Holding की कमी देखी गई….कारण जाने
बढ़त के प्रमुख कारण
मार्केट के विशेषज्ञों के अनुसार हाल ही में आई तेजी के पीछे दो मुख्य कारण रहे हैं पहला कंपनी की डाटा सेंटर की परिसंपत्तियों से जुड़ा एक लीज समझौता, जिसने निवेश करने वाले लोगों को यह संदेश दिया है कि Riot Platforms अपने रिवेन्यू विकल्पों को सही दिशा में काम करने को लेकर काम कर रही है। दूसरा कारण आने वाले तिमाही नतीजे को लेकर बाजार में पॉजिटिव उम्मीदों को लेकर है। कंपनी के ऑफिशियल बयान में साफ तौर पर कहा गया है कि वह अपने ऑपरेशन अपडेट और फाइनेंशियल प्रदर्शन की जानकारी तय की गई डेट पर ही साझा करेंगी। निवेश करने वाले लोग इस रिपोर्ट में मार्जिन, कैश फ्लो और डिजिटल एसेट की प्लानिंग पर विशेष तौर पर ध्यान दे पाएंगे।
विशेषज्ञों की राय और ब्रोकरेज दृष्टिकोण
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि Riot Platforms Stock में आई हालिया तेजी कुछ समय के लिए इमोशनल रूप से रिएक्शन दे सकती है लेकिन कुछ ब्रोकरेज रिपोर्ट में लंबे समय की संभावनाओं को पॉजिटिव बताया गया खास तौर पर यदि कंपनी डाटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में स्थिर रेवेन्यू उत्पन्न करने में सफल रहती है। हालांकि विशेषज्ञ स्पष्ट कहते हैं कि क्रिप्टो मीनिंग उद्योग अभी भी बिटकॉइन की कीमत और नियम के अनुसार पर्यावरण पर निर्भर करता है। इसलिए मौजूदा बढ़त को स्थाई ट्रेंड मारना जल्दबाजी हो सकता है।
ये भी पढ़े : Uday Kotak बने GIFT City के चेयरमैन, वित्तीय क्षेत्र को नई दिशा
निवेशकों पर प्रभाव और आगे का आउटलुक
निवेश करने वाले लोगों के लिए मुख्य सवाल यह है कि क्या यह लंबे समय के रिकवरी की शुरुआत है? यदि आने वाले तिमाही के नतीजे अच्छे आते हैं और डाटा सेंटर की प्लानिंग से स्पष्ट रेवेन्यू के संकेत मिलते हैं तो स्टॉक में स्थिरता आ सकती है। वही बिटकॉइन में गिरावट की स्थिति में Riot Platforms के स्टॉक फिर से दबाव में आ सकते हैं इसलिए फिलहाल के लिए अस्थिरता से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि हमारे द्वारा लिखा जाने वाला यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से है इसे निवेश की सलाह के रूप में ना लें।
