रीवा। प्रदेश में सत्तासीन बीजेपी सरकार के मनगंवा विधायक नरेन्द्र प्रजापति गुरूवार को अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन पर उतर आए। उन्होने विश्व हिंदू परिषद मऊगंज के नेतृत्व में आयोजित मनगंवा बंद एवं एसडीओपी कार्यालय का घेराव करके मूर्ति तोड़े जाने वाले लोगो के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने एवं दोषियों के घर बुल्डोजर चलाए जाने की मांग आंदोलन कारियों के साथ किए है।
यह था मामला
दरअसल 18 दिन पहले मनगवां के मढुलियन मंदिर में असामाजिक तत्वों के द्वारा आधी रात्रि को देवी देवताओं के प्रचीन प्रतिमाओं में तोड़फोड़ किए जाने के साथ भगवान शिव की मूर्ति को समीप के नदी में फेंक दिया गया था। इस घटना से लोगो में आक्रोष व्याप्त है। घटना दिनांक को जहा ग्रामीण मौके पर विरोध कर रहे थें वही इस मामले में विधायक और ग्रामीणों के बीच हुई बहस का वीडियों भी सामने आया था। मूर्ति तोड़े जाने के मामले में पुलिस के द्वारा अभी तक आरोपियो को न पकड़े जाने से मनगवॉ के लोगों में ग़ुस्सा है और वे गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद मऊगंज के नेतृत्व में मनगवॉ बाजार की सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान को बन्द करवाया।
गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस कार्यालय का घेराव
आंदोलन में उतरे लोगो ने विहिप के नेतृत्व में एसडीओपी कार्यालय का घेराव किए एवं मंदिर में तोड़फोड़ कर मूर्तियों को खंडित करने वाले आरोपियो की गिरफ़्तारी की मांग उठाए है। आंदोलन के दौरान मनगवां विधायक नारेन्द्र प्रजापति आपने समर्थकों के साथ पहुचे और खुद भी धरने में बैठे रहे। मौके पर पहुचे पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दिया कि मंदिर में देवी देवताओं के मूर्तियों को तोड़फोड़ करने वालो की पहचान कर ली गई है। एक आरोपी की गिरफ़्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश की जा रही। जिनकी गिरफ़्तारी जल्द ही कर ली जाएगी, प्रदर्शनकारियों की मांग को पूरा करने का आश्वासन अधिकारियों ने दिया है।
