Grand fair organized in Adagadnath Dham of Rewa: पौष माह की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी पर शिव भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। रीवा जिले के सोहागी पहाड़ पर स्थित प्राचीन अड़गड़नाथ धाम में सदियों पुराना पारंपरिक मेला धूमधाम से लग गया है। यह मेला 100 वर्ष से भी अधिक पुरानी परंपरा का जीवंत प्रतीक है, जहां स्वयंभू शिवलिंग की विशेष पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी है।
त्योंथर, चाकघाट और तराई क्षेत्र के विभिन्न शिव मंदिरों में भी भक्तों का सैलाब लगा हुआ है। सुबह से ही अड़गड़नाथ धाम में पंचामृत और पंचगव्य से भगवान शिव का रुद्राभिषेक संपन्न हुआ, जिसके बाद मेले की विधिवत शुरुआत हो गई। मान्यता है कि यहां विराजमान स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन मात्र से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
अड़गड़नाथ के साथ-साथ सोनौरी के मंडपेश्वर नाथ धाम, कोनी पंचायत के देवनाथ मंदिर, चाकघाट के पास देवर गांव स्थित शिव मंदिर, टमस नदी तट और टमस-बेलन संगम पर गौरा गांव में भी मेले का आयोजन हो रहा है। ग्रामीण और किसान परिवार सहित कामकाज छोड़कर यहां पहुंच रहे हैं। मेले में पारंपरिक दुकानें, झूले, हाट-बाजार और रंगारंग कार्यक्रमों का नजारा श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।
हजारों की संख्या में जुट रही भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और अन्य व्यवस्थाएं पुख्ता कर दी हैं। भक्तों में उत्साह का आलम है और पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयकारों से गुंजायमान हो रहा है।यह मेला केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकता का भी बड़ा उत्सव है। शिव भक्तों के लिए यह अवसर वर्ष भर की थकान मिटाने और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का सुनहरा मौका बन गया है।
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