रीवा। गर्भस्थ शिशु के लिंग निर्धारण परीक्षण पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। शिशु का लिंग निर्धारण परीक्षण करना दण्डनीय अपराध है। भ्रूण लिंग जाँच की सूचना देने वाले को दो लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि मुखबिर पुरस्कार योजना के तहत दी जाएगी। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि भ्रूण लिंग जाँच की सूचना देने वालों का नाम पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा।
ऐसे मिलेगा ईनाम
प्रशासन के द्वारा लिए गए निर्णय के तहत सूचना के आधार पर प्रकरण दर्ज होकर न्यायालय में चालान प्रस्तुत होते ही एक लाख 25 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। इसमें 50 हजार रुपए की राशि सूचना देने वाले को, 25 हजार रुपए की राशि पीसी एण्ड पीएनडीटी एक्ट के जिला नोडल अधिकारी को तथा 50 हजार रुपए की राशि अभियोजन अधिकारी को दी जाएगी। न्यायालय में अपराध सिद्ध होने पर 75 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसमें सूचना देने वाले को 30 हजार रुपए, नोडल अधिकारी को 15 हजार रुपए तथा अभियोजन अधिकारी को 30 हजार रुपए की राशि दी जाएगी।
स्टिंग ऑपरेशन पर दिया जाएगा ईनाम
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि मुखबिर प्रोत्साहन योजना के तहत स्टिंग ऑपरेशन करने पर स्टिंग के सफल होने तथा सत्यापन के बाद मुखबिर को 50 हजार रुपए, सहयोगी महिला को 20 हजार रुपए तथा अन्य सहयोगी को 10 हजार रुपए दिए जाएंगे। साथ ही नोडल अधिकारी को 15 हजार रुपए एवं अभियोजन अधिकारी को 30 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। न्यायालय में अपराध सिद्ध होने पर मुखबिर को 30 हजार रुपए, डिकाय महिला को 10 हजार रुपए तथा सहयोगी को 5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही जिला नोडल अधिकारी को 10 हजार रुपए एवं अभियोजन अधिकारी को 20 हजार रुपए की राशि दी जाएगी।
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