बॉलीवुड एक्टर Rajpal yadav एक बार फिर चेक बाउंस होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। 7 अक्टूबर को हुई सुनवाई में अदालत ने उन्हें राहत का एक और मौका दिया है लेकिन इसके साथ दो करोड रुपए जमा करने की शर्त भी दी गई है। राजपाल यादव ने कोर्ट में 1.15 करोड रुपए का डिमांड ड्राफ्ट पेश किया बाकी के 50 लाख रुपए जमा करने के लिए संपत्ति के संभावित खरीददार से मिलने वाली रकम का हवाला दिया है।
राजपाल यादव ने जमा किए करीब 1.15 करोड़ रुपये
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने के दौरान Rajpal yadav खुद मौके पर मौजूद थे उन्होंने अदालत को बताया कि 1.15 करोड रुपए का डिमांड ड्राफ्ट तैयार है। इसके अलावा 85 लख रुपए भी जमा करने की व्यवस्था वह कर रहे हैं। अदालत में साफ किया कि कल 2 करोड रुपए जमा करने की शर्त पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की सुनवाई का रास्ता साफ होगा। 8 अक्टूबर की जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में 15 अक्टूबर को आगे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
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करीब 5 करोड़ रुपये से शुरू हुआ था विवाद
Rajpal yadav चेक बाउंस का मामला करीब 16 साल पुराने लेनदेन से जुड़ा हुआ है। इस विवाद की शुरुआत राजपाल यादव की फिल्म अता पता लापता के निर्माण के लिए लिए गए रकम करीब 5 करोड रुपए से हुई थी। बाद में रकम लौटाने के लिए दिए गए चेक बाउंस होते गए इसके बाद शिकायतकर्ता की तरफ से अलग-अलग चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। मामला निचली अदालत में होता हुआ दिल्ली हाई कोर्ट और फिर अब सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचा है। जुलाई 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने सात मामले में राजपाल यादव को दोष सिद्धि बरकरार करते हुए तीन-तीन महीने की सजा दी थी हेल की सभी सजाएं एक साथ चलने का आदेश भी दिया था।
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इस में अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट की मौजूदा कार्यवाही को मामले का अंत नहीं समझा जा सकता है अभी सबसे जरूरी यह है कि राजपाल यादव को अभी बाकी के 50 लाख रुपए का भुगतान करना है। अब भुगतान व्यवस्था पूरी होती है या नहीं? अदालत आगे क्या आदेश देती है। यानी फिलहाल राजपाल यादव को भुगतान के जरिए मामले से राहत पाने का एक मौका मिला है।

