SEBI का बड़ा एक्शन! राजेश एक्सपोर्ट्स पर 97% रेवेन्यू फर्जी दिखाने का शक, प्रमोटर राजेश मेहता बैन

Rajesh Exports Share Crash: भारत की दिग्गज गोल्ड रिफाइनिंग कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) मुश्किलों में घिर गई है। बाजार नियामक SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने कंपनी के फाउंडर और चेयरमैन राजेश मेहता के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने से अंतरिम रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी की शुरुआती जांच में कंपनी के वित्तीय आंकड़ों को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।

97% रेवेन्यू पर उठे सवाल

SEBI द्वारा जारी 109 पन्नों के अंतरिम आदेश में कहा गया है कि कंपनी ने अपनी बिक्री और रेवेन्यू के आंकड़ों को अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया हो सकता है। जांच में यह आशंका जताई गई है कि कंपनी द्वारा दिखाया गया करीब 97 से 99 प्रतिशत रेवेन्यू केवल कागजों पर दर्ज हो सकता है।

सेबी ने अपने आदेश में कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में रेवेन्यू का संभावित ओवरस्टेटमेंट बेहद गंभीर मामला है और इसकी विस्तृत जांच की जरूरत है।

शेयर में लगा लोअर सर्किट

सेबी की कार्रवाई की खबर सामने आते ही निवेशकों में घबराहट फैल गई। गुरुवार को पूरे कारोबारी सत्र के दौरान राजेश एक्सपोर्ट्स का शेयर 5 प्रतिशत के लोअर सर्किट पर लॉक रहा। बाजार में लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा और खरीदार लगभग नदारद रहे।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो कंपनी के शेयरों पर आगे भी दबाव बना रह सकता है।

कंपनी ने आरोपों को बताया गलत

राजेश एक्सपोर्ट्स ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कहा कि उन्हें 3 जून 2026 को सेबी का अंतरिम आदेश प्राप्त हुआ है। कंपनी का दावा है कि यह केवल एक प्रारंभिक आदेश है और सेबी ने अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है।

कंपनी ने रेवेन्यू को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उसके वित्तीय आंकड़े सही हैं। कंपनी के अनुसार, सेबी और कंपनी के बीच किसी प्रकार का “कम्युनिकेशन गैप” या गलतफहमी हुई है।

LIC को भी झटका

इस मामले का असर LIC (Life Insurance Corporation of India) पर भी देखने को मिला है। LIC के पास राजेश एक्सपोर्ट्स की लगभग 10.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सेबी के एक्शन के बाद LIC के शेयरों में भी करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कंपनी के शेयरों में और गिरावट आती है तो LIC के निवेश की वैल्यू पर भी असर पड़ सकता है।

कौन हैं राजेश मेहता?

60 वर्षीय राजेश जे. मेहता बेंगलुरु के रहने वाले हैं और उन्होंने बेहद कम उम्र में कीमती धातुओं के कारोबार में कदम रखा था। शुरुआती दौर में चांदी का व्यापार करने वाले राजेश मेहता ने 1989 में राजेश एक्सपोर्ट्स की स्थापना की थी।

आज यह कंपनी दुनिया की प्रमुख गोल्ड रिफाइनिंग और ज्वेलरी एक्सपोर्ट कंपनियों में गिनी जाती है। हालांकि सेबी की ताजा कार्रवाई ने कंपनी की साख और भविष्य दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

निवेशकों के लिए चिंता की बात

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर जांच में वित्तीय गड़बड़ियों की पुष्टि होती है, तो इसका असर सिर्फ कंपनी ही नहीं बल्कि हजारों रिटेल निवेशकों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें सेबी की आगे की जांच और कंपनी के जवाब पर टिकी हुई हैं।

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