Priyanka Gandhi on Women Reservation Bill : लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन का बिल पास नहीं हो सका है। इसके अगले ही दिन कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सरकार को खुली चुनौती दी है। प्रियंका ने कहा, “सरकार सोमवार को वह बिल लेकर आए, जिसे 2023 में सभी दलों ने समर्थन दिया था। हम सभी इस बिल का समर्थन करेंगे।”
प्रियंका गाँधी ने कहा- विपक्ष महिला विरोधी नहीँ है
शनिवार को प्रियंका गाँधी ने प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया कि भाजपा-नीत एनडीए पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के वोटरों को गुमराह कर रही है। प्रियंका ने कहा, “विपक्ष पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह महिला विरोधी है, जबकि यह पूरी तरह गलत है। जो पुराना बिल है, वह नारी शक्ति वंदन अधिनियम है, जो 2023 में पास हुआ था। इसमें महिलाओं के लिए संसद और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।”
बीजेपी ने फेडरल ढांचे को बदलने का षड्यंत्र रचा – प्रियंका
प्रियंका गांधी ने कहा, “महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक देश के संघीय ढांचे को तोड़ने का षड्यंत्र था। लोकसभा में इसका असफल होना लोकतंत्र, संविधान और विपक्षी एकता की जीत है।” उन्होंने कहा, “कल का दिन लोकतंत्र की बड़ी जीत है। मोदी सरकार ने लोकतंत्र को कमजोर करने और संघीय ढांचे को बदलने की साजिश रची थी, जिसे हमने हरा दिया। यह संविधान की जीत है, देश की जीत है, विपक्षी एकता की जीत है।”
विपक्ष को चुनाव जीतने से रोकने की साजिश था ये बिल
प्रियंका गाँधी ने कहा, “सरकार का मानना था कि अगर विधेयक पारित हो जाता, तो उनकी जीत निश्चित हो जाती। अगर नहीं पारित होता, तो विपक्ष को महिला विरोधी कह देंगे। भाजपा खुद को महिलाओं का मसीहा साबित करने की कोशिश कर रही थी।” उन्होंने हाथरस, उन्नाव और महिला पहलवानों के मामलों का हवाला देते हुए कहा, “भाजपा का इतिहास महिलाओं के साथ भेदभाव का रहा है। सदन में इसके विपरीत बातें कहने से फर्क नहीं पड़ता।”
प्रियंका गाँधी ने आगे कहा, “गृह मंत्री (अमित शाह) और प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने कहा कि अगर विपक्ष इस मुद्दे पर सहमत नहीं होगा तो वह कभी चुनाव नहीं जीत पाएंगे और सत्ता में नहीं आ पाएंगे। इससे साफ हो गया कि सरकार का मकसद क्या था।” उन्होंने दावा किया, “मेरा मानना है कि सरकार ने सत्ता हासिल करने के लिए ही यह साजिश रची। महिला आरक्षण के नाम पर विपक्ष को फंसाने की कोशिश की गई ताकि उन्हें परिसीमन में मनमानी करने का मौका मिल सके।”
मोदी सरकार मनमानी करना चाहती थी – प्रियंका
प्रियंका गांधी ने कहा, “यह सिर्फ महिला आरक्षण का मुद्दा नहीं था, बल्कि परिसीमन से जुड़ी बात थी। मोदी सरकार चाहती थी कि जातिगत जनगणना के आंकड़ों को देखे बिना ही परिसीमन हो, ताकि वे मनमानी कर सकें।” उन्होंने कहा, “देश ने देखा है कि जब विपक्ष एकजुट होता है तो मोदी सरकार को हराया जा सकता है। यह धक्का मोदी सरकार के लिए बड़ा झटका है, और इसलिए इसे ‘काला दिन’ कह रही हूं।”
प्रियंका गांधी ने कहा, “आज महिलाएं बहुत जागरूक हो गई हैं। वे सरकार का प्रचार और मीडिया का दुष्प्रचार देख रही हैं। अब यह सब नहीं चलेगा। जनता का भरोसा इस सरकार से उठ चुका है।” उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, “हम कह रहे हैं कि जिस तरह एसटी और एससी के लिए आरक्षण है, उसी तरह ओबीसी आरक्षण भी होना चाहिए।”
क्या हुआ था लोकसभा में?
शुक्रवार को संसद के निचले सदन में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ पर मतदान हुआ, लेकिन यह पास नहीं हो सका। इसमें पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 मत पड़े। संविधान में किसी संशोधन के लिए दो तिहाई बहुमत चाहिए, जो सरकार नहीं जुटा सकी। इसके साथ ही, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ भी सदन में चर्चा के लिए रखे गए थे, लेकिन उन्हें भी पारित नहीं किया गया।
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