नईदिल्ली। 22 और 25 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के बाद पुलिस दर्ज मामलों में गिरफ्तारी शुरू कर दिया है। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई नहीं रुकी और गिरफ्तार छात्रों को राहत नहीं मिली, तो वह फिर से आंदोलन शुरू करेगी।
बिहार में गिरफ्तारी तेज
जानकारी के तहत 22 और 25 जुलाई को हुए प्रदर्शन मामले में राजधानी पटना में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में पुलिस ने सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार कर बेऊर केंद्रीय कारा भेज दिया है। गिरफ्तार लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस कार्रवाई के बाद गिरफ्तार लोगों के परिजनों में भारी नाराजगी उनका आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कई ऐसे युवकों को भी हिरासत में ले लिया, जिनका प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं था।
सीजेपी प्रवक्ता ने दी जानकारी
आंदोलन की चेतवानी देते हुए पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि सरकार ने समझौता तोड़ा है। बिहार और पश्चिम बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर झूठे मुकदमों में फंसाया गया है। दिल्ली में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार शर्त के तहत सभी छात्रों को रिहा करें। उन्होने कहा कि मेरा रोल इस पार्टी के कानूनी मसलों में मदद करना है। उन्होने बताया कि पार्टी ने एक पोर्टल लॉन्च किया है, जिसके जरिए पीड़ित छात्र अपनी परेशानी शेयर कर सकते हैं। वे केस इन्फॉर्मेशन और वीडियो भी शेयर कर सकते हैं।
सीजेपी की मुख्य मांगें और आरोप
- गिरफ्तारी का विरोध: बिहार, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में छात्रों व प्रदर्शनकारियों को लगातार निशाना बनाकर हिरासत में लिया जा रहा है।
- समझौते का उल्लंघन: CJP के प्रवक्ताओं (सौरभ दास और आशुतोष रांका) का कहना है कि सरकार ने यह आश्वासन दिया था कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन समझौते को तोड़ा जा रहा है।
- एफआईआर वापसी की मांग: पार्टी ने मांग की है कि छात्रों पर दर्ज सभी झूठे मुकदमे और एफआईआर तुरंत वापस लिए जाएं तथा गिरफ्तार किए गए युवाओं को रिहा किया जाए।




