PoK Truth Revealed : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में महिलाओं के साथ ऐसी दरिंदगी होती है कि जानकर आपकी रूह भी कांप जाएंगी। ख्यातनाम पाकिस्तानी मौलाना मुफ्ती सईद खान ने खुद इस सच्चाई से परदा उठाया है।
सईद खान ने रोंगटे खड़े कर देने वाले काले सच को भरे मंच से उजागर कर पाकिस्तानी समर्थित आतंकवादियों पर शरणार्थी महिलाओं का यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। मुफ्ती सईद खान ये भी दावा किया है कि ये आतंकवादी पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी माने जाते हैं। सईद खान ने ‘कश्मीर एंड आवर हिपोक्रेसी’ नामक एक कार्यक्रम में सार्वजनिक मंच से यह सनसनीखेज बयान दिया।
शिविर में रहने वाली महिलाओं का होता है यौन शोषण
मुफ्ती सईद खान ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चल रहे उग्रवाद की एक काली सच्चाई को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि जो उग्रवादी अक्सर ‘मुजाहिदीन’ या धार्मिक योद्धा के रूप में महिमामंडित किए जाते हैं, वे कमजोर महिला शरणार्थियों को जबरन शारीरिक संबंध बनाए जाने के लिए मजबूर करते हैं। उन्होंने खुलासा किया कि कश्मीरी मुस्लिम महिलाएं और लड़कियां, जो राहत शिविरों में रह रही थीं, उन्हें भोजन की एक रोटी के बदले अपना शरीर देने पर मजबूर किया जाता था।
शुद्ध जिहाद का नैरेटिव निकला गंदा सच
वहीं, भारतीय खुफिया एजेंसियों के शीर्ष सूत्रों का मानना है कि सईद खान का ये बयान पाकिस्तान के धार्मिक और राजनीतिक तंत्र के भीतर से आया है, इललिए इसपर विश्वास किया जा सकता है। साथ ही सईद खान का ये बयान पाकिस्तान द्वारा लंबे समय से चलाए जा रहे ‘शुद्ध जिहाद’ के नैरेटिव को झकझोर कर रख देता है। यह खुलासा उस प्रॉक्सी युद्ध की रणनीति को भी उजागर करता है, जिसमें आईएसआई का समर्थन प्राप्त आतंकवादी समूह स्थानीय लोगों का शोषण करते रहे हैं।
रक्षा करने वाले ही कर रहें कमजोरों का शोषण
मुफ्ती सईद खान के इस बयान का मिलान पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा किए गए डिक्लासिफाइड दस्तावेजों से होता है, जिससे इसकी विश्वसनीयता और भी मजबूत हो जाती है। यह खुलासा उन मानवाधिकार रिपोर्टों को भी पुष्ट करता है, जिनमें लंबे समय से महिलाओं के यौन शोषण और आम जनता के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगाए जाते रहे हैं। इस बात का भी खुलासा होता है कि वह संगठन जो खुद को कश्मीरियों के अधिकारों की रक्षा करने वाला बताता है, असल में सबसे कमजोर वर्ग के लोगों के शोषण करता रहा है। यह पाकिस्तान समर्थित उग्रवाद की साख पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
