PNG Expansion: केंद्र सरकार ने देश भर में पीएनजी के नेटवर्क विस्तार को तेज करने के लिए नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाने का आर्डर दिया है। हाल ही में बैठक में या फैसला लिया गया कि नगर निगम और सभी संबंधित एजेंसी की प्रक्रिया में तेजी होगी जिसका उद्देश्य गैस की कनेक्शन को बढ़ाना गैस पहुंचाने में देरी को कम करना और ऊर्जा आपूर्ति को ज्यादा स्थिर करना है।

निकाय में PNG विस्तार होने में देरी है, बड़ी चुनौती
पीएनजी के नेटवर्क के विस्तार में सबसे बड़ी बाधा स्थानीय लेवल पर मिल रही मंजूरियों में देरी है। सड़क कटिंग, राइट ऑफ वे और विभिन्न विभागों में अलग-अलग अनुमति लेने की प्रक्रिया लंबी और जटिल हो गई है। सरकार के ऑर्डर के बाद अब इन प्रक्रिया को और भी ज्यादा सरल और समय अनुसार बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार कई सारे प्रोजेक्ट तो केवल मंजूरी के अभाव के कारण अटके हुए हैं जिससे पीएनजी विस्तार की गति प्रभावित दिख रही है।
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मंजूरी की प्रक्रिया होगी तेज और बहुत आसान
सरकार ने नगर निकाय को ऑर्डर दिया है कि पीएनजी के प्रोजेक्ट के लिए अनुमोदन तेज समय सीमा के भीतर देना चाहिए। कुछ मामलों में डीम्ड अप्रूवल यानी समय पर जवाब न मिलने पर फिर से मंजूरी का प्रावधान भी लागू किया जा सकता है इसके अलावा सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने पर भी जोड़ दिया जा रहा है जिससे कंपनियों को कहीं विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बाजार विश्लेषण के अनुसार इससे परियोजनाओं की लागत और समय दोनों में कमी देखी जाएगी।
ऊर्जा सुरक्षा और आयात की निर्भरता कम करने पर फोकस
सरकार के द्वारा ऐसे कदम ऐसे समय पर उठाए गए हैं जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की आपूर्ति में कमी बनी हुई है। भारत में एलपीजी का सबसे बड़ा हिस्सा एलजी आयात पर ही निर्भर करता है जबकि पीएनजी को अपेक्षाकृत स्थिर और सुरक्षित ऑप्शन माना जाता है। सरकार का लक्ष्य की अधिक से अधिक घरों और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को पीएनजी से जोड़ दिया जाए जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
निवेशकों और सेक्टर पर क्या है प्रभाव
स्टॉक एक्सचेंज डाटा के अनुसार गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के लिए यह कदम पॉजिटिव संकेत बताया जा रहा है। PNG नेटवर्क के विस्तार होने से इन कंपनियों के ग्राहक के आधार और राजस्व में वृद्धि की संभावनाएं बताई जा रही हैं। सिटी गैस डिसटीब्यूशन सेक्टर में आने वाले समय में निवेश भी बढ़ सकता है हालांकि यह पूरी तरह प्रोजेक्ट के काम और स्थानीय सहयोग पर ही निर्भर करता है।
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क्या है आगे का आउटलुक
बाजार विश्लेषक के अनुसार अगर राज्य सरकार और स्थानीय निकाय केंद्र के निर्देशों को प्रभावित ढंग से लागू किया जाता है तो अगले कुछ सालों में PNG कवरेज तेजी से बढ़ता देखा जाएगा। हालांकि इंफ्रास्ट्रक्चर लागत और शुरुआती निवेश जैसे चुनौतियों अभी भी बनी रहेगी यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि यह आकलन संभावित है। यह जानकारी केवल आपकी जानकारी के उद्देश्य से है इसे आप किसी भी प्रकार के निवेश की सलाह के रूप में नहीं ले।
