सार्वजनिक क्षेत्र के दिग्गज ऋणदाता पंजाब नेशनल बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। PNB Q3 Results के मुताबिक, बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 13 प्रतिशत बढ़कर 5,100 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। एसेट क्वालिटी में सुधार के बावजूद प्रोविजनिंग बढ़ने से बाजार में हलचल देखी गई।
मुनाफे और ब्याज आय में दर्ज हुई बढ़त
पंजाब नेशनल बैंक के लिए दिसंबर में समाप्त हुई यह तिमाही कमाई के लिहाज से सकारात्मक रही है। पिछले साल की समान अवधि में बैंक ने 4,508 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था, जो अब बढ़कर 5,100 करोड़ रुपये हो गया है। बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) में भी 5 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला है। यह पिछले साल के 10,533 करोड़ रुपये के मुकाबले इस बार 11,032 करोड़ रुपये रही।

PNB Q3 Results: एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार
बैंक की बैलेंस शीट के लिए सबसे अच्छी खबर उसकी एसेट क्वालिटी में आया सुधार है। बैंक का ग्रॉस एनपीए (GNPA), जो कुल कर्ज का प्रतिशत होता है, घटकर 3.19 प्रतिशत पर आ गया है। पिछले साल इसी समय यह आंकड़ा 4.09 प्रतिशत के उच्च स्तर पर था। वहीं, नेट एनपीए भी 0.41 प्रतिशत से घटकर अब 0.32 प्रतिशत रह गया है। यह गिरावट बैंक के रिकवरी प्रबंधन को दर्शाती है।
शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह
नतीजे आने के बाद शेयर बाजार में PNB के शेयरों में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसका मुख्य कारण बैंक द्वारा भविष्य के फंसे हुए कर्जों के लिए रखी गई राशि यानी ‘प्रोविजनिंग’ में भारी वृद्धि है। इस तिमाही में बैंक ने 1,341 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा महज 318 करोड़ रुपये था। भारी प्रोविजनिंग ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।

रिटेल और हाउसिंग लोन सेक्टर में तेज ग्रोथ
बैंक के लोन पोर्टफोलियो में रिटेल सेगमेंट ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक के कोर रिटेल एडवांस में सालाना आधार पर 18.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विशेष रूप से हाउसिंग लोन पोर्टफोलियो 14.5 प्रतिशत बढ़कर 1.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसके अलावा, वाहन लोन (Vehicle Loan) क्षेत्र में 35.7 प्रतिशत की जोरदार ग्रोथ दर्ज की गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक की मजबूत पकड़
पंजाब नेशनल बैंक का विस्तार भारत के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में काफी गहरा है। आंकड़ों के अनुसार, बैंक की कुल 10,261 घरेलू शाखाओं में से लगभग 63.3 प्रतिशत शाखाएं इन्हीं क्षेत्रों में स्थित हैं। कृषि क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण में भी 9.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो अब 1,91,629 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। एमएसएमई (MSME) सेक्टर में भी 18.1 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है।
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