पीएम मोदी के मन की बात। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मन की बात कार्यक्रम का 139वां एपिसोड पूरा किए है। उनके इस एपिसोड से पीएम के मन की बात कार्यक्रम ने 12 वर्ष का सफर पूरा कर लिया है। जिसके माध्यम से प्रधानमंत्री सीधे तौर पर देश वासियों से जुड़ कर अपनी बात पूरी करते है। पीएम मोदी ने कहा कि 12 साल पहले विजयादशमी के पावन पर्व पर इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी और यह यात्रा उनके लिए देशवासियों को करीब से जानने व समझने की एक तीर्थ यात्रा के समान है। प्रत्येक माह के आखिरी रविवार को आकाशवाणी और दूरदर्शन के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया जाने वाला प्रधानमंत्री का एक प्रमुख मासिक रेडियो कार्यक्रम है।
देशी कारीगरों के उत्पाद खरीदी पर दिए जोर
139वें एपिसोड में पीएम मोदी ने आगामी त्योहारों के अवसर पर लोगों से स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को खरीदने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे कारीगरों का उत्साह बढ़ेगा। पीएम मोदी ने कहा, आने वाले दिनों में दिवाली, छठ महापर्व और कई दूसरे त्योहारों की रौनक रहेगी। आप स्वस्थ और सुरक्षित रहकर पूरे परिवार के साथ त्योहार मनाएं, और, दूसरों को भी अपनी खुशी में शामिल करें। मैं आप सभी को आने वाले त्योहारों की शुभकामनाएं देता हूं। मुझे हमेशा की तरह आपके संदेशों और सुझावों का इंतजार रहेगा। आपके सुझावों से मन की बात को नए विषय मिलते हैं, नई दिशा मिलती है।
भारत के उत्पाद विदेश में हो रहे बिक्री
पीएम ने कहा कि भारत के स्थानीय उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ रही है। बिहार के पूर्णिया का मखाना अब ग्रीस और कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल मालदीव पहुंच रही है, जिससे देश के किसानों के लिए दुनिया भर में नए अवसर खुल रहे हैं।
3 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ था पीएम के मन की बात
प्रधानमंत्री का यह अति प्रिय कार्यक्रम की शुरूआत 3 अक्टूबर 2014 को हुई थीं। यह कार्यक्रम हर महीने के आखिरी रविवार को सुबह 11 बजे प्रसारित किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों की प्रेरणादायक कहानियों, देश की सकारात्मक पहलों, नवोन्मेषी विचारों और जन-नेतृत्व वाले अभियानों को देश के सामने रखना है, ताकि लोग प्रेरित होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। कार्यक्रम की इसे उपलब्धियां ही कहा जाऐगा कि विभिन्न सर्वेक्षणों के अनुसार, करोड़ों लोग इस कार्यक्रम को नियमित रूप से सुनते या देखते हैं।




