PM Modi Achievement : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से 2026 तक केंद्र सरकार ने अपने 12 साल पूरे कर लिए हैं। इन वर्षों में देश में बहुत कुछ बदला है, जैसे डिजिटल क्रांति, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुधार और बुनियादी ढांचे का विकास। इन योजनाओं का सीधा लाभ करोड़ों लोगों को मिला है, लेकिन कुछ फैसलों ने राजनीतिक बहस और विरोध भी जन्मा है। आइए जानते हैं मोदी सरकार के विवादित फैसलों को..
मोदी सरकार की बड़ी योजनाएं
जन धन योजना
मोदी सरकार ने शुरुआत में ही जन धन योजना शुरू की, जिससे हर गरीब परिवार को बैंकिंग सेवाएं मिल सकें। करोड़ों नए बैंक खाते खुले और आधार व मोबाइल से जुड़ने के बाद सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचने लगा।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT)
सरकार ने सीधे लाभार्थी के खाते में सरकारी सहायता ट्रांसफर की व्यवस्था की. इससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई और पारदर्शिता बढ़ी।
UPI
डिजिटल भुगतान का क्रांति लाने का काम किया UPI ने। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े व्यापारी तक अब डिजिटल लेनदेन करते हैं, QR कोड आधारित भुगतान आम हो गया है।
स्वच्छ भारत मिशन
सफाई और स्वच्छता के लिए इस अभियान की शुरुआत की गई. इससे खुले में शौच की समस्या कम हुई और स्वच्छता का संदेश फैला।
उज्ज्वला योजना
गरीब महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन दिए गए ताकि घरों में स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल हो सके. इससे स्वास्थ्य में सुधार हुआ।
आयुष्मान भारत
गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिला, जिससे उनका इलाज आसान हो गया।
पीएम किसान सम्मान निधि
किसानों को आर्थिक मदद देकर उनकी आमदनी बढ़ाने का प्रयास किया गया।
मोदी सरकार के इन फैसलों पर हुआ भारी विवाद
तीन कृषि कानून
2020 में लागू किए गए ये कानून किसानों के बीच खूब विवाद में आए। पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान आंदोलन करने लगे। एक साल से अधिक समय तक चलने वाले आंदोलन के बाद सरकार ने 2021 में इन कानूनों को वापस ले लिया।
नोटबंदी
2016 में 500 और 1000 के पुराने नोट बंद कर दिए गए। इसका मकसद काले धन और नकली मुद्रा पर रोक लगाना था, लेकिन जनता को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। विपक्ष ने इसे निर्णय को कठिन और असमय बताया।
नागरिकता संशोधन कानून (CAA)
2019 में यह कानून पास हुआ, जिसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता का प्रावधान था। इसने देश में बड़े विवाद और धरने कराए, खासकर दिल्ली के शाहीन बाग में।
अग्निपथ योजना
2022 में सेना में युवाओं की भर्ती का नया तरीका शुरू किया गया, जिसमें सीमित अवधि के लिए सेना में सेवा दी जाती है। इस पर कई राज्यों में विरोध हुआ, युवाओं का तर्क था कि इससे नौकरी की सुरक्षा खतरे में पड़ेगी।
GST (गुड्स और सर्विस टैक्स)
2017 में लागू हुआ यह नया कर प्रणाली। शुरुआत में ही छोटे व्यापारियों को इसकी जटिलता और तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। विपक्ष इसे ‘गब्बर सिंह टैक्स’ कहकर सरकार पर तंज कसता रहा।

