प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) योजना की 23वीं किस्त जारी होने से पहले कई सारे लाभार्थियों में करीब 200000 लोगों का नाम हटा दिया गया है। हाल ही में दिए गए सरकारी आंकड़ों के अनुसार 22वीं किस्त की तुलना में 23वीं किस्त में लाभ पाने वाले लोगों की संख्या घटकर 9.44 करोड़ ही रह गई है। यह बदलाव योग्यता की वेरिफिकेशन ई केवाईसी और किस रजिस्ट्री जैसे प्रक्रियाओं के कारण हुआ है। जिसका असर उन सभी किसानों पर पड़ता हुआ देखा जाएगा जिसके डॉक्यूमेंट अधूरेजमा है।

PM Kisan yojna में लाभार्थियों की संख्या में क्यो हुई कमी?
सरकार द्वारा दिए जाने वाले आंकड़ों के अनुसार 22वीं किस्त में लगभग 9.46 करोड़ किसानों को योजना के तहत लाभ मिला था जबकि 23वीं किस्त के लिए या संख्या केवल 9.44 करोड़ ही बताई जा रही है। इतना बड़ा अंतर्मुखी रूप से योग्यता की दोबारा जांच और रिकॉर्ड अपडेट होने का परिणाम बताया जा रहा है। योजना के तहत केवल योग्य किसानों को ही ₹2000 की किस्त मिलेगी।
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किन कारणों से सूची से बाहर हो रहे किसान?
लाभ पाने वाले लोगों की संख्या कम होने के पीछे कई सारे सरकारी कारण हो सकते हैं जैसे पीएम किसान ईकेवाईसी का पूरा न होना, फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाना, भूमि संबंधित रिकार्ड में गलती हो जाना या फिर एक ही परिवार के एक से अधिक लोगों के द्वारा लाभ लेने का मामला होना। ऐसे मामलों में लाभ पाने वाले लोगों की किस्त की राशि अस्थाई रूप से रोकी जा सकती है।
आप PM Kisan स्टेटस कैसे जांचें?
प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि योजना के तहत अपना स्टेटस देखने के लिए आपको पीएम किसान पोर्टल पर जाकर Know Your Status के द्वारा अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं। इसके लिए रजिस्ट्रेशन नंबर और ओटीपी वेरीफिकेशन की जरूरत होती है अगर आपके स्टेटस में अंडर वेरिफिकेशन दिखाई देती है तो संबंधित दस्तावेज अपडेट करने की सलाह है।
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किसानों पर क्या होगा असर?
लाभ पाने वाले लोगों की संख्या में कम होने का मतलब ये नहीं है कि यह योजना बंद हो रही है। यह नियमित रूप से एक वेरिफिकेशन का प्रोसेस है जिसमें केवल योग्य किसानों को ही सरकारी सहायता मिलेगी। जिन किसानों को ईकेवाईसी, आधार वेरीफिकेशन और भूमि रिकॉर्ड जानकारी समय पर अपडेट मिले हैं उनके लिए किस्त मिलने की संभावनाएं सामान्य है। केंद्र सरकार के द्वारा समय-समय पर लाभ पाने वाले लोगों की जानकारी का वेरिफिकेशन किया जाता है ताकि गलत लोगों को योजना का लाभ न मिले और सरकारी धन का सही सदुपयोग हो। इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वह अपनी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरा करके ऑफिशल पोर्टल पर अपना स्टेटस जरूर देखें।




