PM College of Excellence Rewa : पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस रीवा में वनस्पति शास्त्र पर शैक्षणिक पहल

PM College of Excellence Rewa

PM College of Excellence Rewa : पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस रीवा में वनस्पति शास्त्र पर शैक्षणिक पहल-प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, रीवा के वनस्पति शास्त्र विभाग द्वारा दिनांक 19 फरवरी 2026 को विभागीय संग्रहालय में “पादप वर्ग विज्ञान में पौधों की पहचान एवं उनका औषधीय महत्व” विषय पर एक एकदिवसीय अतिथि व्याख्यान कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पौधों की वैज्ञानिक पहचान, पारंपरिक औषधीय उपयोग तथा जैव विविधता संरक्षण के महत्व से अवगत कराना था, ताकि उनमें अनुसंधान एवं नवाचार के प्रति रुचि विकसित हो सके।प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, रीवा में वनस्पति शास्त्र विभाग द्वारा पादप वर्ग विज्ञान में पौधों की पहचान एवं औषधीय महत्व पर एकदिवसीय विशेष व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन एवं मुख्य अतिथि

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.आर.एन. तिवारी ने की,जबकि कार्यक्रम का निर्देशन वनस्पति शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो.अभिमन्यु श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. विजय कुमार श्रीवास्तव (विभागाध्यक्ष, वनस्पति शास्त्र) विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपने सारगर्भित व्याख्यान में प्रो. श्रीवास्तव ने पादप वर्गिकी की वैज्ञानिक पद्धतियों, विभिन्न वनस्पतियों की सही पहचान, पारंपरिक एवं आधुनिक चिकित्सा में उनके औषधीय उपयोग तथा जैव विविधता संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को औषधीय पौधों के संरक्षण, अनुसंधान एवं उनके सतत उपयोग के लिए जागरूक रहने का संदेश दिया।

विशेष सहभागिता एवं कार्यक्रम की उपलब्धियां

कार्यक्रम में वनस्पति शास्त्र विभाग के समस्त प्राध्यापकगण-डॉ.शशि आनंद,डॉ.अनुराग सिंह, डॉ.अभिषेक पटेल, डॉ.अभिषेक श्रीवास्तव एवं प्रो.आर.एन. तिवारी की सक्रिय उपस्थिति रही। सभी शिक्षकों ने इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजनों को विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास, शोध अभिरुचि एवं व्यावहारिक ज्ञान के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।व्याख्यान के उपरांत प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने विषय से जुड़े अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे,जिनका समाधान मुख्य वक्ता द्वारा विस्तारपूर्वक किया गया। यह संवादात्मक सत्र छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ।

निष्कर्ष-यह एकदिवसीय व्याख्यान कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं शोधोन्मुखी सिद्ध हुआ। इससे न केवल छात्रों को पौधों की वैज्ञानिक पहचान एवं औषधीय महत्व की गहरी समझ मिली, बल्कि उनमें जैव विविधता संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति जागरूकता भी बढ़ी। इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजनों से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *