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PM Awas Yojana Gramin के तहत बाराबंकी को 15,124 नए आवास का लक्ष्य मिला है। AI वेरिफिकेशन के बाद सूची तैयार है। पूरी लिस्ट और पात्रता शर्तें अभी चेक करें!

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PM Awas Yojana Gramin

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश: PM Awas Yojana Gramin (PMAY-G) के तहत बाराबंकी जिले के 15,124 बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों का पक्के घर का इंतजार खत्म हो गया है! केंद्र सरकार ने वर्ष 2024 से चल रहे व्यापक सर्वे और त्रिस्तरीय पात्रता जांच के बाद जिलेवार आधिकारिक लक्ष्य जारी कर दिया है।

15,124 नए आवासों के आवंटन को केंद्र की हरी झंडी

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बेघर परिवारों को अपना पक्का मकान उपलब्ध कराने के अभियान में बड़ा प्रशासनिक मोड़ आ गया है। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2024 से चलाए जा रहे जिलास्तरीय सर्वे और बहुस्तरीय जांच प्रक्रिया के समापन के बाद बाराबंकी जिले को प्रथम चरण में कुल 15,124 नए ग्रामीण आवासों का आधिकारिक आवंटन लक्ष्य सौंपा गया है।

इस आवंटन के साथ ही जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत स्तर और ब्लॉक स्तर पर अंतिम सूची के सत्यापन तथा आवंटन की प्रशासनिक कार्यवाही तेज कर दी है। वर्ष 2024 में कराए गए शुरुआती सर्वे के दौरान जिलेभर से लगभग 1.19 लाख से अधिक ग्रामीणों ने आवासहीन या कच्चे मकान धारक होने का दावा करते हुए आवेदन दर्ज कराया था

व्यापक पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों, भौतिक सत्यापन और तकनीक-संचालित जांच के बाद पात्र लाभार्थियों का अंतिम पूल तैयार किया गया है। जिले की प्राथमिक संभावित लाभार्थी सूची में फिलहाल 79,035 परिवार बचे हैं। केंद्र से प्राप्त 15,124 के लक्ष्य के तहत इन्हीं 79,035 सत्यापित आवेदकों में से प्रथम चरण में मकानों का निर्माण कराया जाएगा

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आवास प्लस ऐप और AI वेरिफिकेशन: 39,965 आवेदक स्वतः अपात्र घोषित

इस बार योजना में फर्जीवाड़े और गलत दावों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए राज्य सरकार और ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया है। तीन चरणों की कड़ी जांच प्रक्रिया के तहत सभी दावेदारों का संपूर्ण व्यक्तिगत विवरण आवास प्लस ऐप (Awas Plus App) पर डिजिटल रूप से अपलोड किया गया।

इसके बाद लाभार्थियों की जिओ-टैग फोटो, आधार (Aadhaar), और मनरेगा जॉब कार्ड (MGNREGA Job Card) सहित अन्य अभिलेखों का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सत्यापन कराया गया। AI के डेटा-क्रॉस चेकिंग और स्वचालित एल्गोरिदम सत्यापन के दौरान कुल 39,965 आवेदक स्वतः अपात्र (Auto-Ineligible) पाए गए और उन्हें सॉफ्टवेयर द्वारा सूची से बाहर कर दिया गया।

“प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास का लक्ष्य आ गया है। अब ब्लॉकवार और पात्रवार आवास आवंटन होना है, जिसकी प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। बड़ी संख्या में लक्ष्य मिला है।”

Rakesh Kumar Singh, (Project Director, Barabanki)

PMAY-G पात्रता नियम: इन 7 मानकों के आधार पर रद्द हुए आवेदन

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा निर्धारित PMAY-G नियमावली के अनुसार, जिन परिवारों के पास निम्नलिखित भौतिक संपत्तियां या आय साधन मौजूद हैं, उन्हें योजना के लाभ से पूरी तरह वंचित रखा गया है:

अयोध्या मंडल के पड़ोसी जिलों में आवास आवंटन की स्थिति

केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बाराबंकी को अयोध्या मंडल और आसपास के जिलों की तुलना में पर्याप्त और बड़ा लक्ष्य प्राप्त हुआ है। पड़ोसी जिलों का आधिकारिक आवास आवंटन आंकड़ा इस प्रकार है:

जिला (District) प्रथम चरण PMAY-G आवास लक्ष्य (Target)
सुल्तानपुर (Sultanpur) 16,032
बाराबंकी (Barabanki) 15,124
अमेठी (Amethi) 14,414
अयोध्या (Ayodhya) 7,196
अंबेडकरनगर (Ambedkar Nagar) 6,385

जिले के विकास भवन अधिकारियों के अनुसार, बाराबंकी को मिला 15,124 का आंकड़ा यह स्पष्ट करता है कि जिले के ग्रामीण इलाकों में वास्तविक जरूरतमंदों को प्राथमिकता के आधार पर आच्छादित किया जा रहा है

ब्लॉकवार आवंटन और लाभार्थी सूची कैसे देखें?

जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (DRDA) द्वारा अब ब्लॉकवार आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पात्र ग्रामीण नागरिक आधिकारिक PMAY-G Portal (pmayg.nic.in) अथवा अपने संबंधित ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय एवं ग्राम पंचायत सचिव से संपर्क करके सूची में अपना नाम देख सकते हैं।

ऑनलाइन स्टेटस चेक करने की प्रक्रिया:

  1. आधिकारिक पोर्टल pmayg.nic.in पर जाएं।
  2. ‘Stakeholders’ टैब में ‘IAY/PMAYG Beneficiary’ विकल्प का चयन करें।
  3. अपना Registration Number दर्ज करें या Advanced Search विकल्प चुनें।
  4. अपना राज्य Uttar Pradesh, जिला Barabanki, संबंधित ब्लॉक और अपनी ग्राम पंचायत चुनें।
  5. Search पर क्लिक करते ही आपके सामने स्वीकृत लाभार्थियों की वित्तीय स्थिति और आवंटन सूची आ जाएगी।

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Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1: बाराबंकी में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत कितने घरों का लक्ष्य मिला है?

PMAY-G के तहत बाराबंकी जिले को प्रथम चरण में कुल 15,124 नए पक्के मकानों का आवंटन लक्ष्य मिला है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2024 के सर्वे और बहुस्तरीय सत्यापन के बाद यह जिलावार आधिकारिक संख्या जारी की है

Q2: बाराबंकी में AI सत्यापन के दौरान कितने आवेदकों को अपात्र घोषित किया गया?

बाराबंकी में AI आधारित सत्यापन और डेटा जांच के दौरान 39,965 आवेदकों को नियम उल्लंघन के कारण स्वतः अपात्र घोषित किया गया हैआवास प्लस ऐप पर अपलोड किए गए आधार, जॉब कार्ड और तस्वीरों के डिजिटल मिलान से यह छंटनी हुई है

Q3: PM Awas Yojana Gramin के लिए मासिक आय की सीमा क्या तय की गई है?

PMAY-G योजना के नियमानुसार, जिस परिवार के किसी भी सदस्य की नियमित मासिक आय ₹15,000 से अधिक है, वह परिवार पक्के मकान के आवंटन के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। ऐसे सभी आवेदनों को ऑटो-रिजेक्ट प्रणाली द्वारा निरस्त कर दिया गया है

Q4: क्या KCC या कार वाले परिवार को PM Awas Yojana का लाभ मिल सकता है?

नहीं, ₹50,000 से अधिक सीमा वाले किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) या तीन/चार पहिया वाहन वाले परिवार इस योजना के लिए पूरी तरह अपात्र हैं। नियमावली के अनुसार ऐसे परिवारों के आवेदन भौतिक जांच में स्वतः खारिज कर दिए जाते हैं

Q5: बाराबंकी के ग्रामीण नागरिक PMAY-G की ब्लॉकवार लाभार्थी सूची कहां देख सकते हैं?

ग्रामीण नागरिक अपनी ग्राम पंचायत की खुली बैठक में जारी सूची, संबंधित ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय अथवा आधिकारिक पोर्टल pmayg.nic.in पर जाकर सूची देख सकते हैं। पोर्टल पर जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर नाम खोजा जा सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion & Next Steps)

PM Awas Yojana Gramin के तहत बाराबंकी में 15,124 आवासों की मंजूरी ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर हैAI आधारित सत्यापन से 39,965 अपात्र आवेदकों का बाहर होना यह सुनिश्चित करता है कि सरकारी धन का लाभ केवल वास्तविक और अत्यंत निर्धन परिवारों तक ही पहुंचेगा

आगामी हफ्तों में, जिला प्रशासन 15,124 स्वीकृत पात्रों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से पहली किस्त की धनराशि सीधे भेजने की प्रक्रिया शुरू करेगा। जिन लाभार्थियों का नाम वर्तमान 79,035 की प्रतीक्षा सूची में है लेकिन वे इस प्रथम चरण में छूट गए हैं, उन्हें सरकार द्वारा जारी होने वाले अगले चरण के लक्ष्यों में वरीयता क्रम के अनुसार शामिल किया जाएगा

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