हरारे में खेले गए पाकिस्तान बनाम ज़िम्बाब्वे अंडर-19 वर्ल्ड कप मुकाबले में एक अनोखा नजारा देखने को मिला। पाकिस्तान ने ज़िम्बाब्वे को हराकर मैच तो जीता ही, साथ ही नेट रन रेट (NRR) के गणित का इस्तेमाल कर अपनी स्थिति भी मजबूत कर ली। पाकिस्तान की इस धीमी जीत ने स्कॉटलैंड को सुपर सिक्स की रेस से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
पाकिस्तान बनाम ज़िम्बाब्वे अंडर-19 वर्ल्ड कप: रणनीतिक मुकाबला
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप सी के आखिरी मुकाबले में पाकिस्तान ने ज़िम्बाब्वे पर जीत दर्ज की। लक्ष्य सिर्फ 129 रनों का था, जिसे पाकिस्तान ने 26.2 ओवरों में हासिल किया। खेल के 14वें ओवर तक पाकिस्तान की टीम बेहद आक्रामक नजर आ रही थी और 84 रन बना चुकी थी। हालांकि, इसके बाद अचानक खेल की गति धीमी हो गई, जिसने विशेषज्ञों और प्रशंसकों को हैरान कर दिया।

सुपर सिक्स के नियमों का खेल
इस टूर्नामेंट के नियम थोड़े अलग हैं। सुपर सिक्स स्टेज में टीमें अपने ग्रुप स्टेज के पॉइंट्स और नेट रन रेट साथ लेकर जाती हैं। लेकिन इसमें शर्त यह है कि केवल उन्हीं मैचों के आंकड़े गिने जाते हैं जो उन टीमों के खिलाफ खेले गए हों, जो खुद सुपर सिक्स में क्वालीफाई कर चुकी हों। पाकिस्तान के सामने विकल्प था कि वे या तो स्कॉटलैंड को आगे जाने दें या ज़िम्बाब्वे को।
पाकिस्तान ने स्कॉटलैंड को कम अंतर से हराया था, जबकि ज़िम्बाब्वे के खिलाफ उनकी जीत का मार्जिन बहुत बड़ा रहने वाला था। अगर ज़िम्बाब्वे सुपर सिक्स में पहुँचता, तो पाकिस्तान को नेट रन रेट में बड़ा फायदा मिलता। यही कारण था कि पाकिस्तान ने जानबूझकर अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार कम कर दी।
स्कॉटलैंड की उम्मीदों पर फिरा पानी
मध्यम क्रम के बल्लेबाजों समीर मिन्हास और अहमद हुसैन ने 14वें ओवर के बाद रक्षात्मक रुख अपना लिया। उन्होंने अगले 12 ओवरों में केवल 36 रन जोड़े। अगर पाकिस्तान यह मैच 25.2 ओवर से पहले जीत जाता, तो स्कॉटलैंड बेहतर रन रेट के आधार पर क्वालीफाई कर जाता। लेकिन पाकिस्तान ने खेल को 27वें ओवर तक खींचकर ज़िम्बाब्वे का रास्ता साफ कर दिया।
जैसे ही ज़िम्बाब्वे का सुपर सिक्स में स्थान पक्का हुआ, पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने अचानक गियर बदला। समीर मिन्हास ने लगातार दो छक्के जड़कर मैच खत्म किया। वे 74 रनों पर नाबाद रहे और उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
एंडी फ्लावर ने किया पाकिस्तान का बचाव
पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एंडी फ्लावर ने पाकिस्तान की इस “चतुर रणनीति” का समर्थन किया है। उन्होंने कमेंट्री के दौरान कहा कि पाकिस्तान ने अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए नियमों के दायरे में रहकर फैसला लिया। फ्लावर के अनुसार, यह पूरी तरह से एक जायज रणनीति थी क्योंकि इससे पाकिस्तान को अगले दौर में फायदा मिलना तय था।

वहीं, इस कदम से ग्रुप की टॉपर इंग्लैंड को भी नुकसान हुआ। इंग्लैंड ने स्कॉटलैंड को 252 रनों के भारी अंतर से हराया था। अब चूंकि स्कॉटलैंड बाहर हो चुका है, इसलिए इंग्लैंड का वह विशाल नेट रन रेट सुपर सिक्स में किसी काम नहीं आएगा।
नैतिकता और नियमों का सवाल
क्रिकेट के कानून 2.11 के अनुसार, रणनीतिक कारणों से खेल को प्रभावित करना आचार संहिता का उल्लंघन माना जा सकता है। हालांकि, इसे मैदान पर साबित करना बेहद मुश्किल है। पाकिस्तान की इस जीत ने एक बार फिर टूर्नामेंट के प्रारूप और टीमों की रणनीतिक सोच पर बहस छेड़ दी है।
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