MP: पचमढ़ी को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान,’ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज’ सर्टिफिकेट से नवाजा गया भारत का पहला हिल स्टेशन

Pachmarhi Green Bronze: मध्यप्रदेश पर्यटन को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि: प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी को जर्मनी के बर्लिन में आयोजित विश्व प्रसिद्ध आईटीबी बर्लिन ट्रैवल मार्ट 2026 में प्रतिष्ठित ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज’ सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नीदरलैंड स्थित ग्रीन डेस्टिनेशंस फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण, जिम्मेदार पर्यटन (रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म), विरासत संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन तथा जलवायु संरक्षण जैसे क्षेत्रों में पचमढ़ी द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रयासों की वैश्विक मान्यता है। इस उपलब्धि से पचमढ़ी देश का पहला ऐसा हिल स्टेशन बन गया है, जो अब वैश्विक स्तर पर एक सस्टेनेबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित हो रहा है और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जगा रहा है।

Pachmarhi Green Bronze: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व और मध्य प्रदेश सरकार के ‘रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म’ को बढ़ावा देने के प्रयासों का नतीजा सामने आया है। राज्य के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी को जर्मनी के बर्लिन में आयोजित विश्व प्रसिद्ध ‘आईटीबी बर्लिन ट्रैवल मार्ट 2026’ में प्रतिष्ठित ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज’ सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया है। यह प्रमाणन नीदरलैंड स्थित ग्रीन डेस्टिनेशंस फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया जाता है, जो ग्लोबल सस्टेनेबल टूरिज्म काउंसिल (जीएसटीसी) से मान्यता प्राप्त संस्था है। पचमढ़ी इस अंतरराष्ट्रीय गौरव को हासिल करने वाला देश का पहला हिल स्टेशन बन गया है।

कड़े मूल्यांकन के बाद मिली मान्यता

पचमढ़ी का चयन एक जटिल और सूक्ष्म मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद हुआ। इसमें 6 प्रमुख विषयों ‘डेस्टिनेशन मैनेजमेंट, प्रकृति एवं परिदृश्य, पर्यावरण और जलवायु, संस्कृति एवं परंपरा, सामाजिक कल्याण तथा व्यापारिक संचार’ के तहत 75 कड़े मापदंडों पर परीक्षण किया गया। पचमढ़ी ने 10 में से 6.5 अंक हासिल किए और 40% जीएसटीसी अनुपालन स्तर प्राप्त किया। फरवरी 2026 में अंतरराष्ट्रीय ऑडिटर द्वारा ऑन-साइट ऑडिट के बाद इस उपलब्धि को अंतिम रूप दिया गया।

पर्यटन बोर्ड के प्रयासों का सुखद परिणाम

मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की ओर से उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह ने यह सम्मान प्राप्त किया। टूरिज्म बोर्ड ने इस दिशा में लगातार प्रयास किए। नवंबर 2025 में पचमढ़ी में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, उसके बाद व्यापक फील्ड वर्क, डेटा संग्रह और दस्तावेजीकरण किया गया। इस प्रमाणन से पचमढ़ी विरासत संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा संरक्षण और जलवायु संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों की वैश्विक पहचान बना।

मंत्री और अधिकारियों की प्रतिक्रिया

पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा, “मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश पर्यटन नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पचमढ़ी को मिला यह ‘ग्रीन डेस्टिनेशन ब्रॉन्ज’ सर्टिफिकेट पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति संरक्षण में हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह उपलब्धि पचमढ़ी को वैश्विक स्तर पर एक सस्टेनेबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।”

प्रबंध संचालक, टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैया राजा टी ने बताया, “यह सम्मान पचमढ़ी में किए जा रहे कार्यों की वैश्विक मान्यता है। अब पचमढ़ी देश के अन्य पहाड़ी पर्यटन स्थलों और इको-टूरिज्म साइट्स के लिए एक अनुकरणीय मॉडल (रेप्लिकेबल मॉडल) के रूप में उभरा है। यह प्रदेश में रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म को और मजबूत बनाएगा।”

‘ग्रीन डेस्टिनेशंस’ सर्टिफिकेट क्या है?

‘ग्रीन डेस्टिनेशंस’ एक अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन कार्यक्रम है, जो पर्यटन स्थलों का मूल्यांकन आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक-सांस्कृतिक स्थिरता के तीन मुख्य स्तंभों पर करता है। इसका उद्देश्य पर्यटन को टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल बनाना है। यह प्रमाणन ग्रीन डेस्टिनेशंस स्टैंडर्ड पर आधारित है, जो जीएसटीसी से मान्यता प्राप्त है।

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